चीन-पाक को सबक सिखाएगी देश की सबसे खूंखार महिला अफसर, सबसे खतरनाक क्षेत्र में हुई पोस्टिंग

राजस्थान के उदयपुर की रहने वाली कैप्टन शिवा चौहान ने सियाचिन ग्लेशियर पर तैनाती के साथ ही दुनिया के सबसे ऊंचे रणक्षेत्र में पहली महिला सैनिक का रिकॉर्ड बना लिया है। कैप्टन शिवा चौहान दुनिया के सबसे ऊंचे क्षेत्र में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं।

 

यह पहली बार है कि भारतीय सेना की ओर से किसी महिला अधिकारी की इस खतरनाक पोस्ट पर तैनाती की गई है। यह पोस्ट करीब 15,632 फीट की ऊंचाई पर है। यहां -21 डिग्री तक तापमान रहता है।

पहली महिला अधिकारी बनीं

यहां तैनाती के लिए उन्हें सख्त ट्रेनिंग दी गई है। कैप्टन शिवा चौहान की दुनिया क सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र से फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। भारतीय सेना के ट्वीटर हैंडल फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के मुताबिक शिवा की पोस्टिंग कठिन प्रशिक्षण के बाद की गई है।

 

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फायर फ्यूरी कोर ने ट्वीट कर लिखा, “फायर एंड फ्यूरी सैपर्स की कैप्टन शिवा चौहान दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कुमार पोस्ट में सक्रिय रूप से तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं.”

यह आती हैं मुश्किलें
बता दें सियाचिन ग्लेशियर पर भारत और पाकिस्तान के बीच में कई बार युद्ध हुए हैं। यहां भारतीय सेना के 3 हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं। यहां दिन में पारा -21 डिग्री और रात में -31 डिग्री रहता है। बर्फबारी के चलते यहां सैनिकों को राशन-पानी या कोई दूसरी मदद पहुंचाना भी मुश्किल होता है।

शिवा ने पढ़ाई कहां से की

11 साल की उम्र में अपने पिता को खो देने वाली शिवा चौहान का लालन-पालन उनकी माता ने किया है. उदयपुर से प्राथमिक शिक्षा लेने के बाद शिवा ने उदयपुर के एनजेआर इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग की डिग्री ले रखी है. बचपन से ही सेना की वर्दी पहनने का सपना देखने वाला शिवा ने सेना की सीडीएस परीक्षा पास की और वर्ष 2021 में कोर ऑफ इंजानियर्स में शामिल हो गई.

लेह स्थित सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने कैप्टन शिवा चौहान की उपलब्धि को तस्वीरों के साथ ट्वीट करते हुए लिखा, एक ग्लास सिलिंग और टूटी. कुमार पोस्ट पर तैनात होने से पहले कैप्टन शिवा को सियाचिन बैटल स्कूल में एंडूयरेंस ट्रेनिंग, आईस वॉल क्लाईमबिंग, एवलान्च एंड क्रेवास रेस्कयू और सर्वाइवल ड्रिल का कड़ा प्रशिक्षण लिया.

भारतीय सेना के मुताबिक, अपनी एक वर्ष की सेवा में ही कैप्टन शिवा ने धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया है. कैप्टन शिवा ने जुलाई 2022 में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित सियाचिन युद्ध स्मारक से कारगिल युद्ध स्मारक तक 508 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सफलतापूर्वक सुरा सोई साइकिलिंग अभियान का नेतृत्व किया था.

कब तक रहेंगी तैनात

कैप्टन शिवा ने इसके बाद सुरा सोई इंजीनियर रेजीमेंट की पुरूष टीम का दुनिया की सबसे ऊंचे रणक्षेत्र में नेतृत्व किया. इसके बाद ही कैप्टन शिवा को सियाचिन बैटल स्कूल में प्रशिषण के लिए चुना गया. भारतीय सेना के मुताबिक, कैप्टन शिवा के नेतृत्व में बंगाल सैपर्स (इंजीनियर्स कोर की टुकड़ी) सियाचिन ग्लेशियर पर कॉम्बेट इंजानियरिंग से जुड़े कार्यों के लिए जिम्मेदार होगी. वे तीन महीने तक वहां तैनात रहेंगी.