बिना दवाई और इन्सुलिन के डाइबिटीज होगा जड़ से खात्मा! नहीं करना जरा सा भी परहेज

डाइबिटीज कई प्रकार के होते हैं, और इन सभी के होने का एक अलग वजह है, लेकिन देखा जाए तो आज डाइबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो एक बार होने पर इंसान का मरते दम तक पीछा नहीं छोड़ती. ऐसे में डेली डाइट करने वाले चीजों को बैलेंस करके सेवन करना चाहिए, ताकि हम शुगर जैसी बीमारी से दूर रह सकें, इसके अलावा मिठाई के सेवन से बचने की जरूरत है और साथ ही ऐसी डाइट प्लान फॉलो करना चाहिए, जिससे हमारा वजन न बढ़ सके, क्योंकि इससे डाइबिटीज के साथ हार्ट अटैक का भी खतरा बढ़ने लगता है. अगर आप भी डाइबिटीज के शिकार हैं तो आइए जानते हैं कैसे कंट्रोल करें.

एलोवेरा
एलोवेरा एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जो आज आसानी से सबके घरों में मिल जाता है. शुगर के लिए पुराने समय से ही एलोवेरा को वरदान माना गया है. पहले के लोग भी इसके रस का रोजाना सेवन करते थे, ताकि वो शुगर की बीमारी से बचे रहें. एलोवेरा में पाए जाने वाले हाइड्रोफिलिक फाइबर, ग्लूकोमानन और फाइटोस्टेरॉल जैसे तत्व होता हैं, जो डाइबिटीज को कंट्रोल करने के लिए रामबाण माना जाता है.

नीम
नीम एक ऐसा पेड़ है जो आज भी गावों में पाया जाता है. कई कंपनियां आज भी दवाई बनाने में और साबुन बनाने में इसका इस्तेमाल करती हैं. इसके पत्तों को पीसकर पीने से हमारे पेट में मौजूद कीटाणु भी मर जाते हैं. और स्किन से जुडी समस्या नहीं होती है, साथ ही डाइबिटीज को कंट्रोल करने के लिए नीम का जूस सबसे सटीक इलाज माना जाता है.

आंवला
आंवला के अपने अनेक फायदे हैं. त्वचा, स्किन से लेकर पेट के अलग-अलग समस्याओं के लिए आंवला फायदेमंद माना जाता है, आंवला में मौजूद विटामिन सी हमारे हड्डियों के लिए भी अच्छा माना जाता है. कहा जाता है की आंवला के रस को रोजाना पीने से डाइबिटीज की बीमारी को दूर किया जा सकता है और जो शुगर के मरीज हैं उन्हें जरूर आंवला के रस का सेवन करना चाहिए.