LIC ने बंद कर दिया अपना ये सबसे बेस्ट प्लान, निवेशकों की बढ़ी टेंशन, पैसे मिलेंगे या फंसेंगे

भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी (LIC) पर देश की जनता आंख मूंद कर भरोसा करती है और ज्‍यादा जानकारी लिए बिना भी लोग पॉलिसी खरीद लेते हैं क्‍योंकि बीमा क्षेत्र में दशकों से काम कर रही इस कंपनी ने मार्केट में ऐसी छवी बना ली है, लेकिन हाल ही में LIC ने एक प्‍लान को अचानक से बंद कर दिया है.

उसके बाद से ही निवेशकों में डर का माहौल सता रहा है. लोगों को डर है कि इस फैमस प्‍लान को खरीद लिया और अब अचानक से प्‍लान बंद होने के बाद LIC इसके पैसे वापिस करेगी या नहीं, चलिए जानते हैं अगर आपके पास भी ये पॉलिसी है तो आपको क्‍या करना होगा?

किस प्‍लान को किया गया है बंद?

आपको बता दें कि कंपनियां नए प्‍लान लाने की वजह से भी पुराने प्‍लान को बंद कर देती है. इसके अलावा कई बार ऐसा भी होता है कि मौजूदा प्‍लान में कुछ नए फीचर को जोड़ कर निवेशकों के सामने पेश किया जाता है. अभी तक ये वजह पता नहीं चली है कि LIC ने इस प्‍लान को क्‍यों बंद किया है? LIC ने जीवन अमर और टेक टर्म इंश्योरेंस प्लान (LIC Jeevan Amar and Tech Term Insurance) को बंद किया है.

बंद करने की वजह?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, LIC ने अपने फेमस प्रोडक्ट जीवन अमर और टेक टर्म इंश्योरेंस प्‍लान को विड्रॉ कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने रि-इंश्योरेंस रेट में बढ़ोतरी होने की वजह से ये फैसला लिया है.

प्लान की डिटेल

LIC का ये प्लान प्योर टर्म इश्योरेंस प्लान था, जिसे कंपनी ने 1 सितंबर 2019 को लॉन्च किया था. आपको बता दें कि ये बिना फायदे, नॉन लिंक्ड और शुद्ध सुरक्षा वाली ऑनलाइन टर्म इश्योरेंस पॉलिसी हुआ करती थी. इस प्‍लान का प्रीमियम ऑनलाइन जमा किया जा सकता था. इसके पॉलिसी के तहत बीमाकर्ता और उसके परिवार को दुर्घटना में सुरक्षा बीमा दिया जाता था. पॉलिसी के तहत अधिकतम मैच्योरिटी आयु 80 साल की थी. इस प्लान को कम से कम 50 लाख रुपये की बीमित राशि के लिए खरीदा जाता था.

प्‍लान बंद होने पर निवेशक क्‍या करें?

जिन लोगों ने इस पॉलिसी को खरीद रखा है, उन्‍हें बिल्‍कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं हैं. अगर आप चाहें तो इस पॉलिसी को जारी रख सकते हैं और आपको भविष्‍य में भी इस प्‍लान के लाभ मिलते रहेंगे. वहीं अगर आप चाहते हैं कि इस पॉलिसी को बंद कराना है तो आपको LIC के ब्रांच में संपर्क करना होगा.