आ गई पानी का सीना चीरकर चलने वाली भारत की पहली अंडर वॉटर ट्रेन, 8 हज़ार करोड़ का आया खर्च

by सचिन गौतम
Underwater Train

अगर आप नदी के नीचे ट्रेन (India first underwater train) में सफर करना चाहते हैं तो जल्द ही आपकी ये इच्छा पूरा हो सकती है। दरअसल, कोलकाता में पानी के अंदर चलने वाली भारत की पहली ट्रेन (Underwater Train in Kolkata) परियोजना लगभग पूरी हो गई है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि मेट्रो को कोलकाता में जल्द ही चालू कर दिया जायेगा।

हुगली नदी के अंदर चलेगी यह ट्रेन

ये ट्रेन भारत की पहली अंडर वाटर ट्रेन (India first underwater train) होने वाली है जिसे कोलकाता में हुगली नदी के नीचे ही शुरू किया जाने वाला है। ये ट्रेन (Underwater Train in Kolkata) इंजीनियरिंग का एक बेहतर उदाहरण पेश करने वाली है। इस ट्रेन का सफर भी बेहद खास होने वाली है। इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। करोड़ों के खर्च से ही इस ट्रेन को लॉंच किया जाएगा। आइए जानते हैं इस खबर को विस्तार से।

भारत में इस राज्य में चलेगी अंडर वाटर ट्रेन

भारतीय रेलवे (Indian Railway) लगातार प्रगति कर रहा है। अब तक भारतीय रेल द्वारा यात्रियो के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं जिसे यात्रियों को ही सुविधा हो रही है। स्टेशनों को अपडेट करने और वहाँ वर्ल्ड क्लास सुविधा देने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। वहीं इसी बीच अब भारत में जल्द ही पानी में चलने वाली ट्रेन (India first underwater train) भी आने वाली है। ये ट्रेन कोलकाता में हुगली नदी के नीचे चलाई जाने वाली है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि मेट्रो को कोलकाता में जल्द ही चालू कर दिया जायेगा। गोयल ने कहा, ‘भारत की पहली अंडर वॉटर ट्रेन शीघ्र ही कोलकाता में हुगली नदी के नीचे चलना आरंभ होगी। उत्कृष्ट इंजीनियरिंग का उदाहरण यह ट्रेन देश में निरंतर हो रही रेलवे की प्रगति का प्रतीक है। इसके बनने से कोलकाता निवासियों को सुविधा, और देश को गर्व का अनुभव होगा।’

मंत्री का कहना है कि इस ट्रेन के चलने के बाद कोलकाता के निवासियों को भी काफी लाभ मिलेगा और देश भी तकनीकी के क्षेत्र में वृद्धि करने वाला है। जल्द ही इस ट्रेन को शुरू किए जाने की खबर समाने आ रही है। ये कोलकाता मेट्रो की नई लाइन है जिस पर जल्द ही मेट्रो सेवा को शुरू किया जाएगा। ये लाइन 5 किमी लंबी होने वाली है जिस पर कमिश्नर रेलवे सेफ़्टी की जांच भी अब पूरी हो चुकी है। वहीं अब इसके लिए मंजूरी का इंतज़ार हो रहा है।

8 हज़ार करोड़ के खर्च का अनुमान

ये रेल लाइन बेहद खास है क्योंकि भारत में पहली बार नदी के अंदर ही ट्रांसपोर्ट टनल का निर्माण किया जा रहा है। अप और डाउन लाइन पर यहाँ दो सुरंगों का निर्माण किया जाने वाला है। ये सुरंगे भी 1.4 किमी लंबी होने वाली है। हुगली नदी ताल के नीचे से ही ये मेट्रो गुजरने वाली है। इस योजना को पूरा करने में 8 हज़ार करोड़ के खर्च का अनुमान बताया जा रहा है।

2009 से चल रहा है काम

बता दें कि 16 किलोमीटर लंबी कोलकाता मेट्रो परियोजना साल्ट सेक्टर 5 को हावड़ा मैदान से कनेक्ट करेगी। साल्ट लेक सेक्टर -5 को साल्ट लेक स्टेडियम से जोड़ने वाली फेज-1 परियोजना को जल्द ही चालू किया जायेगा। भारत में पहली बार नदी के नीचे ट्रांसपोर्ट टनल बनाई गई है। यहां अप और डाउन लाइन पर दो सुरंगें बनाई गई हैं। सुरंग को पानी के रिसाव से बचाने के लिए चार स्तर के सुरक्षा कवच बनाए गए हैं। इस सुरंग में 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से मेट्रो ट्रेन चलेगी। इस प्रोजेक्ट पर साल 2009 से काम चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि 2021 में यह पूरी लाइन शुरू हो जाएगी।

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