20 बीमारियों को दूर कर देता है ये चमत्कारी पत्ता, चबा के खा लो सांप के काटने का भी नहीं होगा असर

भारत में प्राचीन काल से कई अलग-अलग जड़ी-बूटियों और पेड़-पौधों का स्वास्थ्य के मामले किसी न किसी रूप में इस्तेमाल होता आ रहा है। आयुर्वेद के अनुसार सभी पौधों में कुछ न कुछ औषधीय गुण होते हैं, जिनकी वजह से उनका इस्तेमाल पारंपरिक चिकिस्ता और दवाएं बनाने के लिए किया जाता है।

 

चिंता की बात यह है कि अधिकतर लोग सिर्फ तुलसी या अश्वगंधा जैसे पौधों के बारे में ही जानते हैं। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि आपके आसपास सभी सभी पेड़-पौधों में ऐसी जादुई शक्ति होती है, जो बड़ी दे बड़ी बीमारी को मात दे सकती है। एक ऐसा ही जबरदस्त औषधीय गुणों वाला पौधा बारलेरिया प्रायोनाइटिस (Barleria prionitis) है जिसे भारत में वज्रदंती (vajradanti) के नाम से जाना जाता है।

 

इस पौधे का नाम आपने किसी न किसी विज्ञापन में जरूर सुना होगा। ऐसा माना जाता है कि इस पौधे में ऐसी गुण होते हैं, जो दांत दर्द, खून की कमी एनीमिया, सांप के काटने, डायबिटीज, फेफड़ों की बीमारी और खून से जुड़े रोगों का इलाज कर सकते हैं। चलिए जानते हैं वज्रदंती के गुण, लाभ और इस्तेमाल के बारे में।

बरलेरिया प्रियोनाइटिस (वज्रदंती) क्या है?

यह भारत सहित एशिया के कई देशों में पाया जाने वाला पौधा है। यह बेल के रूप में बढ़ता है जिस पर पीले और नीले रंग के फूल आते हैं। आयुर्वेद में इस पौधे का कई विकारों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। बहुत से लोग इसे जंगली पौधा या झाड़ समझते हैं।

वज्रदंती के औषधीय गुण

onlinelibrary पर जारी एक रिसर्च के अनुसार, वज्रदंती पौधे के फूल, पत्ते, तने और जड़ों का उपयोग आयुर्वेद में विभिन्न औषधियों को बनाने के लिए किया जाता है। इस पौधे में फ्लेवोनोइड्स, फेनोलिक, इरिडोइडल और फेनिलथेनॉइड ग्लाइकोसाइड्स यौगिक पाए जाते हैं। साथ ही यह एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल, एंटीडायबिटिक, एंटीऑक्सिडेंट, एंटिफंगल, हेपेटोप्रोटेक्टिव, एंटीप्लास्मोडियल और एंटीऑक्सिडेंट गुणों का खजाना है।

कई बीमारियों की एक दवा है वज्रदंती

jyoungpharm की एक रिपोर्ट के अनुसार, वज्रदंती का भारत में पारंपरिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है। इस पौधे में दांत दर्द, एनीमिया यानी खून की कमी, सांप के काटने, डायबिटीज, फेफड़ों की बीमारियां, ब्लड डिसऑर्डर, कब्ज, जोड़ों का दर्द, किडनी की पथरी, तनाव, बाल झड़ने और सूजन जैसी घातक समस्याओं का इलाज करने की क्षमता होती है।

इन रोगों का भी होगा नाश

वज्रदंती के पूरे पौधे का पारंपरिक रूप से सूजन, घाव, जलन, मसूड़े की सूजन, रात में स्खलन और डायबिटीज में दवा के रूप में उपयोग किया जाता है। खांसी, त्वचा संक्रमण, एनीमिया और तपेदिक में भी इसकी सिफारिश की जाती है।

कैसे करें वज्रदंती का इस्तेमाल

सूजन को कम करने के लिए इसकी पत्तियों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है और दांत दर्द में राहत के लिए चबाया भी जाता है। बुखार और कफ में पौधे के रस का उपयोग किया जाता है। बारिश या ठंड के मौसम में पैर फटने से बचाने के लिए इसका लेप पैरों पर लगाया जाता है। जड़ का काढ़ा खून की कमी और खांसी में उपयोग किया जाता है।

वज्रदंती के दुष्प्रभाव

बेशक इसका सेवन करने से लाभ होता है लेकिन कोई भी गलत डोज आपको गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसके गलत इस्तेमाल से आपको गंभीर पाचन संबंधी समस्याएं, बेचैनी महसूस होना, बार-बार डकार आना, पेट में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।