मुसलमान हो तो ऐसे, जान देकर बचाई गाय की जान, झोपड़ी में लगी थी आग

by Waqar Panjtan

आम तौर पर यह माना जाता है कि मुस्लिम गायों को ज्यादा पसंद नहीं करते। लेकिन झारखंड से इस धारणा को तोड़ने वाला एक दर्दनाक मामला सामने आया है। झारखंड के पाकुड़ जिले में एक गाय को बचाने को कोशिश में मुस्लिम पिता-पुत्र जिंदा जल गए। इस हादसे में उस गाय की भी मौत हो गई, जिसे बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल मुस्लिम पिता-पुत्र आग की लपटों के बीच गए थे।

 

मृतक पिता-पुत्र की पहचान 60 साल के फरजा हक और उनके 25 वर्षीय पुत्र शरीफ शेख के रूप में हुई है। दोनों बेहद सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते थे। फरजा हक अपने परिवार के साथ पाकुड़ के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित इलामी पंचायत के सिरसा टोला में रहा करते थे। झोपड़ी नुमा घर में रहने वाले फरजा हक एक गाय को पालते थे। साथ-साथ मजदूरी का काम कर परिवार का भरण पोषण करते थे। बताया जाता है कि शुक्रवार देर रात जब घर के सभी सो रहे थे, तभी आग लगी।

जिस झोपड़ी में बंधी थी गाय, उसी में लगी आग

जब आग की लपटें तेज हुई तो पिता-पुत्र को नींद खुली। इसके बाद उन्होंने देखा कि जिस झोपड़ी में उनकी गाय बंधी थी, उससे भीषण आग लगी है। दोनों झोपड़ी में बंधी गाय को खोलने के लिए उसमें घुस गए। लेकिन उसके बाद आग की लपटें इतनी तेज हो गई उससे निकलते समय तक बुरी तरह से झुलस गए। थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। लोग पिता-पुत्र की जिंदा जलने की खबर सुनकर सदमे में है।

 

 

परिवार के सामने गहराया भरण-पोषण का संकट

स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट को बताया गया है। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस छानबीन कर रही है। हालांकि अभी आग लगने के कारण का खुलासा नहीं किया गया है। इधर कमाऊ सदस्य पिता-पुत्र की मौत के बाद परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट गहरा गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मदद की मांग की है।

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