पति ने पत्नी की भांजे के साथ कराई marriage, 48 घंटे नहीं टिक पाई शादी, सच्चे प्यार की हुई जीत

Khagaria district of Bihar के महेशखूंट थाना क्षेत्र के Kazichak Panchayat में strange case सामने आया. एक शख्स की दिलेरी ने लोगों का दिल लूट लिया. दरअसल Bablu Sharma की शादी(marriage) करीब 12 साल पहले सुनीता से हुई थी. सुनीता की मुलाकात एक शादी(marriage) समारोह में दूर के रिश्ते के भांजे संतोष से हुई.

Santosh Chautham थाना के मलपा गांव का रहने वाला था. दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई. राजमिस्त्री होने के चलते परिवार का घर खर्च चलाने के लिए बबलू हमेशा घर के बाहर ही रहता था. भांजा संतोष उसकी अनुपस्थिति में मामा के घर आने लगा.

Bablu को इसकी भनक लग गई. एक दिन दोनों को पकड़ लिया. गांव समाज के लोग इकट्ठे हो गए. बबलू ने अपने प्यार की कुर्बानी देते हुए पत्नी की शादी भांजे से करा दी.

गांव में हंगामा मच गया. लोगों का मजमा लग गया. लोगों की मौजूदगी में संतोष ने अपनी मामी के मांग में सिंदूर डाला. सुनीता के परिवारवाले भी इस शादी के गवाह बने. इतना ही नहीं, एक समझौता पत्र भी तैयार करवाया गया जिसमें सुनीता ने लिखा कि वह अपने पति को स्वेच्छा से छोड़ रही है और अपने प्रेमी संतोष कुमार के साथ रहना चाहती है.

अपने पहले पति से कोई संबंध नहीं रखेगी. इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें संतोष अनीता की मांग में सिंदूर भरते नजर आ रहा है.

Santosh and Sunita की शादी 48 घंटे भी नहीं टिक सकी. नई प्रेम कहानी में 360 डिग्री मोड़ से घूम गई. दरअसल, हुआ यूं कि जैसे ही संतोष अपनी मामी को अपनी जीवनसंगिनी बनाकर अपने घर पहुंचा तो उसके परिवारवालों ने हंगामा काट दिया.

उन्होंने दोनों के रिश्ते को नाजायज बताते हुए उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया. घरवालों के विरोध के देखकर संतोष की हौंसला जवाब दे गया और उसका इश्क का बुखार उतर गया. इतना ही नहीं, अपनी पत्नी सुनीता देवी को उसी हाल में छोड़कर फरार हो गया.

संतोष के अचानक फरार होने से सुनीता को भी अपनी गलती का एहसास हुआ. उसे अपना पहला प्यार याद आया. किसी तरह से हिम्मत जुटाकर वह अपने पहले पति बबलू के घर पहुंची.

शुरुआत में तो बबलू ने उसे अपने साथ रखने से इनकार कर दिया. लोगों की समझाइश, सुनीता की लाचारी और बेबसी को देखते हुए वह उसे अपने साथ रखने को तैयार हो गया. एक बार फिर से सुनीता की शादी रचाई गई. पति ने उसकी मांग में सिंदूर भरकर अपना जीवनसाथी स्वीकार कर लिया. अंत में सच्चे प्यार की जीत हुई.