चीन ने बनाया दुनिया का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस जज, 97% देता है सही फैसले

नई दिल्ली: China AI Judge: सुपर कंप्‍यूटर से लेकर रोबोट तक बना रहे चीन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस जज (Artificial Intelligence Judge) बनाया है जो दुनिया में अपनी तरह का पहला जज है। यह जज जुबानी बहस को सुनने के बाद 97 फीसदी सही फैसले देता है।

इस जज (Artificial Intelligence Judge) का निर्माण शंघाई पुडोंग पीपुल्‍स प्रोक्यूरेटोरेट ने किया है। यह चीन का सबसे व्‍यस्‍त अभियोजन कार्यालय है। उसने कहा कि इस तकनीक की मदद से अभियोजकों के काम के बोझ को कम किया जा सकेगा।

कार्यालय ने दावा किया कि कुछ मामलों में यह एआई से लैस जज निर्णय निर्माण प्रक्रिया के दौरान अभियोजकों की जगह ले सकता है। इस मशीन को एक डेस्‍कटॉप कंप्‍यूटर पर इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

यह एआई जज (Artificial Intelligence Judge) अपने सिस्‍टम में मौजूद अरबों आंकड़ों का विश्‍लेषण करता है। इसका निर्माण दुनियाभर के हजारों मामलों का इस्‍तेमाल करते हुए बनाया गया है। ये मामले साल 2015 से 2020 के बीच के हैं।

क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी और चोरी को पकड़ने की क्षमता

अभी फिलहाल यह जज खतरनाक ड्राइवरों, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी और चोरी को पकड़ने की क्षमता रखता है। यह जज भले ही बन गया है लेकिन चीन के लोगों को यह रास नहीं आया है।

एक अभियोजक ने कहा, ‘तकनीकी लिहाज से 97 फीसदी शुद्धता काफी ज्‍यादा भले हो लेकिन हमेशा गलती के चांस बने रहेंगे। अगर गलती हुई तो कौन जिम्‍मेदारी लेगा। अभियोजक, मशीन या एल्‍गोरिद्म बनाने वाला डिजाइनर।’

अभियोजक ने कहा, ‘एआई की मदद से गलती को पकड़ा जा सकता है लेकिन निर्णय लेने में यह इंसानों की जगह नहीं ले सकता है।’ एआई के क्षेत्र में चीन ने यह उपलब्धि ऐसे समय पर हासिल की है जब ब्रिटिश खुफिया एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में चीन और रूस से खतरा बढ़ता जा रहा है।

एमआई-6 ने कहा कि हमारे दुश्‍मन एआई, क्‍वांटम कंप्‍यूटिंग और सिंथेटिक बॉयोलॉजी में महारत हासिल करने का इरादा रखते हैं और इसमें जमकर पैसा बहा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्‍योंकि वे जानते हैं कि ये तकनीकें उन्‍हें बढ़त दिलाएंगी।