Kohli vs Ganguly: सौरव गांगुली की चुप्पी विराट कोहली के करियर के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है!

नई दिल्ली: कहते हैं पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर नहीं करना चाहिए। विराट कोहली (Virat Kohli) शायद यही कर बैठे। कभी भी किसी भी खिलाड़ी को टीम से अंदर-बाहर कर देते। चलिए इसे कप्तान का विशेषाधिकार मान लेते हैं। मगर इसके बाद की चीजों का क्या।

रोहित से अनबन, अश्विन-रहाणे-पुजारा से कोल्डवॉर तो फिर भी ठीक था, लेकिन आईपीएल 2021 के भारत संस्करण में कोरोना केस के बाद मैच खेलने से इनकार कर देना। फिर ऊपर से आईसीसी ट्रॉफिज भी न दिला पाना उनकी मुश्किलों को बढ़ाता गया। धीरे-धीरे कोहली भारतीय क्रिकेट बोर्ड की नजरों से उतरते चले गए।

​गांगुली ने साध रखी चुप्पी

भारतीय इतिहास में ऐसा कम ही देखने को मिलता है, जब टीम के कप्तान और अध्यक्ष के बीच इस तरह टसल हो। कोलकाता में बोर्ड अध्यक्ष गांगुली ने स्पष्ट किया कि वह कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे।

गांगुली ने मीडिया से कहा, ‘कोई बयान नहीं, कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं। हम इससे निपट लेंगे, इसे बीसीसीआई पर छोड़ दीजिए।’ पता चला है कि बुधवार को जो हुआ उससे बीसीसीआई में कोई भी खुश नहीं है, लेकिन वे समझते हैं कि मामले के तुरंत हल के लिए उनकी कोई भी कड़ी प्रतिक्रिया नुकसानदेह हो सकती है।

​इतना आसान नहीं विवाद सुलझना

कप्तान और अध्यक्ष के लिए सर्वश्रेष्ठ तरीका यह होगा कि दोनों बैठकर सौहार्दपूर्ण तरीके से मतभेद या संवादहीनता का हल निकालें। फिलहाल गांगुली या शाह के कप्तान से बात करने की संभावना कम है।

सामान्य तौर पर केंद्रीय अनुबंध खिलाड़ी से संस्था या पदाधिकारियों के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जाती लेकिन कोहली की जो हुआ उससे जुड़े एक सवाल के जवाब में दी गई प्रतिक्रिया नियमों को उल्लंघन है या नहीं, यह भी एक सवाल है इसलिए इस समस्या का कोई आसान हल नहीं होने वाला।

​बोर्ड में विराट से कोई खुश नहीं

पता चला है कि बुधवार को जो हुआ उससे बीसीसीआई में कोई भी खुश नहीं है लेकिन वे समझते हैं कि मामले के तुरंत हल के लिए उनकी कोई भी कड़ी प्रतिक्रिया नुकसानदेह हो सकती है। बीसीसीआई इस मसले से निपटने के लिए विकल्पों पर विचार कर रहा है। वह यह भी सुनिश्चित करेगा कि मैदान के बाहर के नाटकीय घटनाक्रम से महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज से पहले टीम का ध्यान भंग नहीं हो।

कोहली की वजह से बोर्ड को करोड़ों का नुकसान!

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो 2021 में खेला गया IPL सिर्फ और सिर्फ विराट कोहली की वजह से यूएई शिफ्ट किया गया। इससे बोर्ड को करोड़ों का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। बाद में वर्ल्ड टी-20 की मेजबानी भी यूएई में ही करनी पड़ी।

दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर के बीच भी IPL भारत में जारी था। बायो-बबल के बावजूद कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे थे। केकेआर-आरसीबी के मुकाबले से पहले कोलकाता के दो खिलाड़ी पॉजिटिव आ गए, जिसके बाद विराट ने मैच खेलने से ही इनकार कर दिया था। बाद में धीरे-धीरे सारे फ्रैंचाइजी मालिक अपनी टीम और खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने लगे। ऐसे में बीसीसीआई ने 4 मई को IPL टाल दिया बाद में इसे यूएई शिफ्ट किया गया।