ऑस्ट्रेलियन ओपन से पहले बवाल! जोकोविच को नहीं मिली एंट्री, अदालत का दरवाजा खटखटाया

नई दिल्ली: Novak Djokovic Controversy: कोविड-19 टीकाकरण नियमों से संबंधित वीजा आवेदन के मुद्दे पर नोवाक जोकोविच को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर अदालत के फैसले की प्रतीक्षा में आव्रजन विभाग के होटल में कैद रहते हुए एक दिन बिताना पड़ा।

इससे पहले 10वां ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) खिताब जीतने के इरादे से आए जोकोविच को प्रवेश नहीं दिया गया है और कोरोना टीकाकरण नियमों में छूट के लिए जरूरी शर्तों को पूरा करने में नाकाम रहने के कारण उनका वीजा भी रद्द कर दिया गया है।

जोकोविच को एक और रात आव्रजन विभाग के कैद में बिताना पड़ सकता है

20 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके इस दिग्गज खिलाड़ी को कम से कम एक और रात आव्रजन विभाग के कैद में बिताना पड़ सकता है। इस बात की भी संभावना है कि वह इस सप्ताह के अंत तक इसी तरह से रहें।

जोकोविच ने गुरुवार को इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया। ‘फेडरल सर्किट कोर्ट’ के न्यायाधीश एंथनी केली ने वीजा फैसलों की समीक्षा के लिए आवेदन प्राप्त करने में देरी जोकोविच के मामले को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया और उनके निर्वासन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया था। सरकार के एक वकील ने सहमति व्यक्त की कि 34 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी को अगली सुनवाई से पहले निर्वासित नहीं किया जाना चाहिए।

तब जोकोविच ने कहा था कि उन्हें मेडिकल छूट मिली हुई है

दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जोकोविच ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्हें मेडिकल छूट मिली है और वह बुधवार को देर रात आस्ट्रेलिया पहुंचे। इस मेडिकल छूट के तहत विक्टोरिया सरकार के कड़े टीकाकरण नियमों के पालन से उन्हें राहत मिली थी।

सीमा अधिकारियों ने हालांकि छूट को स्वीकार नहीं किया। ऑस्ट्रेलियन सीमा बल ने एक बयान में कहा कि जोकोविच जरूरी शर्ते पूरी करने में नाकाम रहे हैं।

प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा , ‘नियम एकदम साफ है। आपको मेडिकल छूट लेनी होगी जो उसके पास नहीं थी। हमने सीमा पर बात की और वहीं ये हुआ।’

स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने कहा कि सीमा अधिकारियों ने जोकोविच को मिली मेडिकल छूट की समीक्षा करने के बाद उनका वीजा रद्द किया। उन्होंने कहा कि जोकोविच इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं लेकिन अगर वीजा रद्द हो गया है तो उन्हें देश छोड़ना होगा।

जोकोविच के देश सर्बिया के राष्ट्रपति ने उनके साथ हुए बर्ताव की निंदा की है। जोकोविच को रात भर मेलबर्न हवाई अड्डे पर रखा गया। 20 बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन को आठ घंटे यह जानने के लिए इंतजार करना पड़ा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश मिलेगा या नहीं। बाद में उन्हें अगली उड़ान या कानूनी कार्रवाई तक होटल भेज दिया गया।

ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन और अन्य स्थानीय मीडिया ने बताया कि जोकोविच का वीजा रद्द करने के खिलाफ फेडरल कोर्ट में कार्रवाई शुरू हो गई है। जोकोविच अगर साबित कर देते कि उन्होंने कोरोना के टीके लगवा लिए हैं तो यह नौबत ही नहीं आती लेकिन उन्होंने मेडिकल छूट मांगी। उन्हें दी गई छूट पर भी सवाल उठे थे।

‘नियम तो नियम है’

मौरिसन ने ट्वीट किया , ‘नियम तो नियम है , खासकर जब सीमा की बात हो। कोई भी इन नियमों से ऊपर नहीं है। हमारी कड़ी सीमा नीति की वजह से ही आस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस की वजह से मृत्युदर कम है। हमें सतर्क रहना होगा।’

संघीय सरकार और प्रदेश सरकार की अलग अलग जरूरतों से पैदा हुए भ्रम के बारे में पूछने पर मौरिसन ने कहा कि यह यात्री पर निर्भर करता है कि वह यहां पहुंचने पर सही दस्तावेज दे।

उन्होंने इस आरोप को भी खारिज किया कि जोकोविच को निशाना बनाया जा रहा है लेकिन कहा कि ऑस्ट्रेलिया में अन्य खिलाड़ी किसी तरह की मेडिकल छूट और वीजा पर हैं।

उन्होंने कहा , ‘यहां आने वाले हर व्यक्ति को चाहे वह बड़ी हस्ती हो, राजनेता या टेनिस खिलाड़ी , उनसे सवाल पूछे जाते हैं।’ मेडिकल छूट की समीक्षा खिलाड़ियों द्वारा मुहैया कराई गई जानकारी के आधार पर विशेषज्ञों की दो स्वतंत्र पेनल करती है। इसी के तहत जोकोविच को ऑस्ट्रेलियन ओपन खेलने के लिए छूट मिली थी। जोकोविच यह बताने से लगातार इनकार करते आए हैं कि उन्होंने कोरोना के टीके लगवाए हैं या नहीं।

उनके पिता एस जोकोविच ने बी92 इंटरनेट पोर्टल को बताया कि उनके बेटे को हवाई अड्डे पर ऐसे कमरे में रखा गया है जिसमें कोई और प्रवेश नहीं कर सकता और दो पुलिस अधिकारी पहरा दे रहे हैं। सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच ने इंस्टाग्राम पर कहा कि उन्होंने जोकोविच से बात की है। उन्होंने कहा कि वह सर्बियाई अधिकारियों से बात कर रहे हैं ताकि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टेनिस खिलाड़ी को यूं प्रताड़ित किये जाने पर जल्दी रोक लगे।

17 जनवरी से शुरू होगा ऑस्ट्रेलियन ओपन

विक्टोरिया प्रदेश सरकार ने 17 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों, स्टाफ, अधिकारियों और दर्शकों को प्रवेश की अनुमति दी है जिन्हें कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं।