IND vs SA: भारत के पास अफ्रीकी धरती पर इतिहास रचने का मौका, केएल राहुल भी कर सकते हैं करिश्मा

नई दिल्ली: IND vs SA: भारत और दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa) के बीच सेंचुरियन में हो रहे पहले टेस्ट के पहले दिन भारतीय बल्लेबाजों ने धमाल मचाया।

सलामी बल्लेबाज केएल राहुल (KL Rahul) के नाबाद 122 रनों की बदौलत टीम इंडिया पहले दिन का खेल खत्म तक तीन विकेट के नुकसान पर 272 रन बनाकर मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।

रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की जगह ओपनिंग करने उतरे मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) ने भी 60 रनों की पारी खेली। वहीं आलोचनाओं से जूझ रहे अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) 40 रन बनाकर नाबाद लौटे। कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) एक बार फिर अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। कोहली 35 रन के निजी स्कोर पर अपना विकेट गंवा बैठे।

केएल राहुल के पास दोहरा शतक जड़ने का मौका

केएल राहुल के पास दूसरे दिन दोहरा शतक बनाने का शानदार मौका है।आज तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज अफ्रीकी धरती पर दोहरा शतक नहीं जड़ पाया है। दक्षिण अफ्रीका की धरती पर सचिन तेंदुलकर ने साल 1997 में केपटाउन टेस्ट में 169 रनों की पारी खेली थी। इसके अलावा विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा ने यहां 150 से ज्यादा रनों की पारी खेली है। दोनों बल्लेबाजों ने 153 का स्कोर बनाया था।

भारत के पास दक्षिण अफ्रीका में अपना सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर बनाने का मौका

भारतीय टीम इस सीरीज से पहले सात बार दक्षिण अफ्रीका का दौरा कर चुकी है। टीम इंडिया ने सिर्फ 4 बार अफ्रीकी धरती पर 400 प्लस स्कोर बनाया है। टीम इंडिया का अफ्रीकी धरती पर सर्वोच्च स्कोर 459 है।

साल 2011-12 में भारतीय टीम ने सेंचुरियन के मैदान पर ही अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। इस मुकाबले में सचिन तेंदुलकर ने नाबाद 111 और महेंद्र सिंह धोनी ने 90 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद साल 2013 में टीम इंडिया जोहानिसबर्ग के मैदान पर 421 का स्कोर बना चुकी है। उस मुकाबले में विराट कोहली ने पहली पारी में 119 और दूसरी पारी में 96 रन बनाए थे।

रहाणे शतक लगाकर 5वें नंबर पर जगह पक्की करना चाहेंगे

अजिंक्य रहाणे के खराब फॉर्म के बावजूद कोच राहुल द्रविड़ ने उन्हें मौका दिया। रहाणे ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में भारत की जीत में 112 और 27* रन का योगदान दिया था। इसके बाद से 12 टेस्ट में उनका औसत 19.57 का रहा।

उन्होंने अगस्त में लॉर्ड्स में भारत की जीत में 61 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, लेकिन उसके बाद छह पारियों में क्रमश: 18, 10, 14, 0, 35 और 4 का स्कोर बना सके। उनके पास सेंचुरियन टेस्ट में शतक जड़कर आलोचकों को करारा जवाब देने का मौका है।