IND vs SA 2nd Test: टीम इंडिया को खली विराट कोहली की कमी, जानिए हार के 5 बड़े कारण

नई दिल्ली: IND vs SA 2nd Test: दक्षिण अफ्रीका ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज (India tour of South Africa) में जबरदस्त वापसी करते हुए दूसरे टेस्ट को अपने नाम कर लिया है। जोहानिसबर्ग में खेले गए दूसरे टेस्ट सात विकेट से जीतकर अफ्रीकी टीम ने सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ला दिया है।

कप्तान डीन एल्गर ने दूसरी पारी (IND vs SA 2nd Test) में नाबाद 96 रन की पारी खेलकर टीम इंडिया (Team India) को अपने दम पर हरा दिया। केएल राहुल (KL Rahul) ने पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी की और उन्हें निराशा हाथ लगी। राहुल द्रविड़ की कोचिंग में टेस्ट में भारत की ये पहली हार है।

आइए भारतीय टीम की हार के 5 बड़े कारणों को जानें:

कप्तान विराट कोहली की कमी खली

नियमित कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) की अनुपस्थिति में ओपनर केएल राहुल ने पहली बार कप्तानी की। कोहली के नहीं होने से टीम को बल्लेबाजी में बड़ा नुकसान हुआ। उनकी जगह हनुमा विहारी को टीम में शामिल किया गया, लेकिन वे बड़ी पारी नहीं खेल सके। हनुमा ने पहली पारी में 20 तो दूसरी पारी में नाबाद 40 रन बनाए। कोहली भी लंबे समय से फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन उनके होने भर से ही दूसरी टीम के गेंदबाज दबाव में रहते हैं।

कप्तानी में भी टीम इंडिया को कोहली की कमी खली। विराट लगातार गेंदबाजों को रोटेट करने में विश्वास रखते हैं। राहुल ने अहम मौकों पर ऐसा नहीं किया। वे सही समय पर सही गेंदबाज का इस्तेमाल करने में नाकाम साबित हुए।

राहुल आईपीएल में भी कप्तानी करते हुए मुश्किल समय में दबाव में दिख चुके हैं। उनकी पिछली टीम पंजाब किंग्स आखिरी पलों में कई बार मैच हारी थी। राहुल में अनुभव की कमी इस मैच की दूसरी पारी में भारतीय टीम पर भारी पड़ गई।

ओपनर्स दोनों पारियों में बड़ी शुरुआत देने में नाकाम

टीम इंडिया के ओपनर्स केएल राहुल और मयंक अग्रवाल जोहानिसबर्ग टेस्ट के दोनों पारियों में मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रहे। पहली पारी में दोनों ने 36 रनों की साझेदारी की थी। मयंक अग्रवाल तब 26 रन बनाकर आउट हो गए थे। दूसरी पारी में सिर्फ 24 रन की साझेदारी कर सके। इस बार राहुल सिर्फ आठ रन बना सके। पिछले टेस्ट की पहली पारी में दोनों ने शतकीय साझेदारी कर टीम को दमदार शुरुआत दी थी।

मोहम्मद सिराज नहीं दे सके योगदान

भारतीय गेंदबाजी उस समय कमजोर हो गई जब मोहम्मद सिराज हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण नियमित गेंदबाजी नहीं कर सके। सिराज मैच के बीच-बीच में चोट से परेशान दिखें। राहुल को एक गेंदबाज की कमी हुई। वे गेंदबाजी आक्रामण का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर सके। सिराज ने चौथे दिन आखिरी में कुछ ओवर जरूर किए, लेकिन वे अपनी लय में नहीं दिख रहे थे।

डीन एल्गर का तोड़ नहीं निकाल सके

भारतीय गेंदबाज दक्षिण अफ्रीकी कप्तान का तोड़ नहीं निकाल सके। डीन एल्गर ने अपने टेस्ट करियर की संभवत: सबसे बेहतरीन पारी खेली है। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। गलत शॉट नहीं लगाए और बीच-बीच में बाउंड्री निकालते रहे। एल्गर ने एक छोर को संभाले रखा और दूसरे छोर पर बल्लेबाजी करने वाले साथियों को लगातार समझाया।

नहीं मिला भाग्य का साथ

भारतीय टीम को मैच में भाग्य का साथ नहीं मिला। पिछले टेस्ट में बारिश ने टीम इंडिया का साथ दिया था, लेकिन इस टेस्ट में ऐसा नहीं हुआ। बारिश के कारण यह माना जा रहा था कि टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों को साथ मिलेगा। अतिरिक्त उछाल देखने को मिलेगी, लेकिन कुछ भी ऐसा नहीं हुआ। शार्दुल के हाथ से फॉलो-थ्रू में टेंबा बावुमा का एक आसान कैच भी छूट गया। यह कैच आमतौर पर मुश्किल होता है और भाग्य का साथ मिले तो हाथों में गेंद समा जाती है।