UAE में आया बड़ा बदलाव, मक्का मदीना में पहली बार 10 महिलाओं को दी गई शीर्ष पदों की जिम्मेदारी

नई दिल्ली। मुस्लिमों के पवित्र धार्मिक स्थल मक्का और मदीना में पहली बार महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। सऊदी अरब सरकार ने 10 शीर्ष पदों पर महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

सऊदी प्रशासन द्वारा जारी किए गए एक बयान में बताया गया कि इन 10 महिलाओं की तैनाती प्रशासनिक और तकनीकी विभाग में की गई है।

महिलाओं को मिला बड़ा पद

सऊदी सरकार द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार, यह कदम महिलाओं को उनकी क्षमता के मुताबिक काम देने के लिए उठाया है। इन 10 महिलाओं की तैनाती शीर्ष पदों पर की गई है। हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं है कि मक्का मदीना में पहली बार महिलाओं को पद दिया गया है। इससे पहले 2018 में 41 महिलाओं की तैनाती मध्यम वर्ग के पदों पर हुई थी।

सऊदी अरब में दिख रहा बदलाव

सऊदी अरब में पिछले कुछ सालों के दौरान महिलाओं को कई तरह की छूट मिलने लगी है। इससे पहले सऊदी अरब में महिलाओं का जीवन घर की चारदीवारी तक सीमित रहता था। सऊदी अरब के क्रॉउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अपने देश की महिलाओं को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।

इसके लिए क्रॉउन प्रिंस ने कई योजनाएं शुरू की है और इन्हीं के तहत महिलाओं को कई तरह की छूट दे गई हैं। क्रॉउन प्रिंस सलमान ने ही महिलाओं को अकेले गाड़ी चलाने की इजाजत दी थी।

क्राउॅन प्रिंस का ‘विजन 2030’

यह सब क्रॉउन प्रिंस मोहम्मद सलमान कि उस योजना के मुताबिक हो रहा है जिसे ‘विजन 2030’ कहा गया है। इस योजना के मुताबिक मोहम्मद बिन सलमान सऊदी अरब को तेल आधारित अर्थ व्यवस्था से हटाकर अन्य सेवा आधारित अर्थव्यवस्था की तरफ ले जाना चाहते हैं।

मौजूदा समय में सऊदी अरब में करीब 1300000 महिलाएं कामकाजी जीवन जीती है, जो सऊदी अरब में कामगारों का 35 फीसदी हिस्सा है। साल 2015 में यह संख्या 816000 थी। सऊदी अरब में आ रहे इन बदलावों के तहत अब महिलाएं भी गाड़ी चला सकती हैं साथ ही अब सिनेमा हॉल भी खोले जा रहे हैं। यही नहीं अब महिलाएं भी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकती हैं।