सऊदी से बेइज्जत होकर वापस लौटे PAK सेना अध्यक्ष बाजवा, क्राउन प्रिंस ने मिलने से किया इंकार

नई दिल्ली। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बड़बोलेपन ने इमरान सरकार की नैय्या को बीच मझदार में फंसा दिया है। दरअसल, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस कुरैशी से काफी नाराज हैं। इसी के चलते पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर बाजवा रियाद पहुंचे, लेकिन सऊदी प्रिंस ने उन्हें भाव ही नहीं दिया।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, बाजवा के हर संभव प्रयास के बावजूद क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया।

क्राउन प्रिंस ने नहीं दिया समय

इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के प्रमुख जनरल फैज हमीद के साथ सोमवार को सऊदी पहुंचे बाजवा की मुलाकात सऊदी अरब के रक्षा राज्य मंत्री खालिद बिन सलमान और सऊदी अरब के सेना अध्यक्ष जनरल फयाद बिन अहमिद अल रुआइलि से हुई, लेकिन वे क्राउन प्रिंस से समय लेने में असफल रहे।

दोनों देशों में दशकों पुरानी दोस्ती ने उस समय बुरे दौर की ओर रुख कर लिया जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ उसका साथ नहीं देने को लेकर सऊदी को चेतावनी दे डाली। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की पहली वर्षगांठ के मौके पर कुरैशी ने एक टीवी इंटरव्यू में सऊदी पर निशाना साधा था।

कुरैशी के बड़बोलेपन से नाराज हैं सऊदी प्रिंस

कुरैशी के बयान से नाराज रियाद ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर का कर्ज वापस करने को मजबूर कर दिया और 1 अरब डॉलर की और मांग की जा रही है। पाकिस्तान ने चीन से उधार लेकर एक अरब डॉलर का कर्ज चुकाया है। सऊदी से रिश्ता बिगड़ना पाकिस्तान को काफी भारी पड़ सकता है। इसलिए जल्द संबंध सुधारने के लिए पाकिस्तान में काफी बेचैनी है।

रियाद ने पाकिस्तान की कई बार मदद की है। सऊदी ने ही 1980 के दशक में पाकिस्तान को F-16 लड़ाकू विमानों का पहला बेड़ा सौंपा था। दो साल पहले भी 6 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता दी है।