Ganesh Chaturthi: दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश, जहां नोटों पर छपे हैं भगवान गणेश, जानिए वजह

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Indonesia Currency Note
(Image Courtesy: ANI Twitter)

नई दिल्ली। देशभर में आज गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) मनाई जा रही है। हालांकि, इस बार कोरोना संकट की वजह से पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिल रही। भगवान गणेश को वैसे भी विघ्नहर्ता माना गया है। लेकिन, सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में भगवान गणेश की पूजा होती है।

क्या आप जानते हैं कि दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया में भगवान गणेश की तस्वीर वाले नोट चलते हैं?

मुस्लिम देश में भगवान गणेश की वजह

इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है। ऐसे में यहां के नोटों पर गणेश भगवान की तस्वीर होना जाहिर है कि सबके लिए आश्चर्यजनक बात है। दरअसल, इंडोनेशिया और भारत की संस्कृति में कई तरह की समानताएं हैं।

यहां आने पर आपको यह लगेगा कि आप भारत के ही किसी दूसरे हिस्से में हैं। यहां कई हिंदू देवी-देवताओं की पूजा होती है। मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच हजारों द्वीपों पर फैले इंडोनेशिया में मुसलमानों की सबसे ज्‍यादा आबादी बसती है, पर यहां हिंदू धर्म का स्पष्ट तौर पर प्रभाव नजर आता है।

भगवान गणेश को मानते हैं कला और बुद्धि का देवता

इंडोनिशिया में लोग भगवान गणेश को कला और बुद्धि का भगवान माना जाता है। इसी वजह से यहां के नोटों पर पहले भगवान गणेश की छवि अंकित होती थी। कुछ साल पहले इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गई थी। इसके बाद वहां के अर्थशास्त्रियों ने विचार-विमर्श के बाद बीस हजार रुपिया का एक नया नोट जारी किया था, जिस पर भगवान गणेश की तस्वीर को छापा गया।

हालांकि, 1998 के बाद इंडोनेशिया में बीस हजार रुपिया के नए नोट जारी किए गए। 1998 के बाद जारी हुए नए नोटों पर से भगवान गणेश की फोटो हटा ली गई थी।

राम और रामायण संस्कृति का हिस्सा

इंडोनेशिया में करेंसी से लेकर आम जनजीवन में सांस्कृतिक विविधता नजर आ जाती है। रामायण और रामायण मंचन यहां की संस्कृति का अहम हिस्सा है। एक मुस्लिम बहुल देश की संस्कृति में रामायण-महाभारत का अस्तित्व भले ही हैरान करता हो, लेकिन इंडोनेशिया हिंदू धर्म के साथ जुड़ी अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ बहुत सहज है।

पूरे इंडोनेशिया में रामायण और महाभारत की कहानी हर कोई जानता है। वहां के जकार्ता स्क्वेर में कृष्णा-अर्जुन की मूर्तियां भी स्थापित हैं। यहां के मुसलमान रमजान में रोजा रखते हैं और इफ्तार के बाद यहां के हिंदू मंदिर में रामायण मंचन में भाग लेने के लिए जाते हैं। यहां हिंदू-मुस्लिम के बीच सौहार्द कायम है।

पूरे शहर में मिल जाएंगे विष्णु और शिव के मंदिर

जावा इंडोनेशिया का एक प्रमुख द्वीप है, जहां लगभग 60 प्रतिशत आबादी हिंदू है। 13वीं से 15वीं शताब्दी के बीच यहां माजापाहित नाम का हिंदू साम्राज्य खूब फला फूला जिससे यहां की संस्कृति, भाषा और भूमि पर हिंदू संस्कृति की अमिट छाप पड़ गई।

यहां आपको जगह-जगह पर भगवान विष्णु और शिव के मंदिर मिल जाएंगे। पूरे शहर में संस्कृत में लिखे हुए शब्द, रामायण और महाभारत का जिक्र खूब मिलता है। हालांकि वर्तमान में इंडोनेशिया में हिंदुओं की आबादी 2 फीसदी से भी कम हो चुकी है।