कई देशों पर दबाव बना रहा चीन, नहीं माना ड्रैगन तो हमारी सेना देगी भारत का साथ : व्हाइट हाउस

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी विवाद जल्द ही शांत हो सकता है. दरअसल, दोनों देशों की तरफ से नरमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं. दूसरी तरफ अमेरिका ने भी साफतौर पर भारत का साथ देने की ठान ली है.

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यदि भारत और चीन के बीच विवाद बढ़ता है, तो अमेरिकी सेना पूरी सख्ती के साथ भारत के साथ खड़ी रहेगी.

व्हाइट हाउस की तरफ से आया बड़ा बयान

दरअसल, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि ट्रंप प्रशासन इस मसले पर सीधे तौर पर भारत के साथ है. उन्होंने कहा कि हमारा संदेश साफ है चीन की ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी को देखते हुए अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में अपनी नेवी को तैनात कर दिया है.

व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मीडवो ने फॉक्स न्यूज को भारत और चीन के मसले पर इंटरव्यू दिया. उन्होंने कहा कि हमारी सेना हर वक्त तैनात है और मुकाबले के लिए तैयार है. मार्क ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने अपनी सेना का हमेशा साथ दिया है, हम साफ कर देना चाहते हैं कि अगर कोई दिक्कत पैदा करेगा तो सेना बिल्कुल तैयार है.

सीनेटर टॉम कॉटन ने भी दिया था बड़ा बयान

इससे पहले रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर टॉम कॉटन ने कहा कि चीन ने लगातार भारत को उकसाने की कोशिश की है, उनके सैनिकों को मा;र दिया है. ऐसे में जरूरी हो जाता है कि अमेरिका वहां पर मौजूद हो इसलिए हमने दक्षिणी चीन सागर में उपस्थिति दर्ज कराई है. चीन की ओर से कई देशों पर दबाव बनाया जा रहा है और वो सभी देश अमेरिका के दोस्त हैं और दोस्ती को बढ़ाना चाहते हैं.

बता दें कि इससे पहले भी कई मौकों पर अमेरिका ने खुलकर कहा है कि वह भारत के साथ है. बीते दिनों माइक पोम्पियो ने कहा था कि अमेरिका अपनी सेना को एशिया में भेजेगा, क्योंकि वहां पर चीन भारत को परेशान कर रहा है. वहीं डोनाल्ड ट्रंप लगातार चीन के खिलाफ बयान भी दे रहे हैं.