गंगासागर मेला पब्लिक का है, बिहार-यूपी से आने वालों को मैं कैसे रोकुंगी: ममता बनर्जी

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण (West Bengal Corona Cases) के बढ़ते मामलों के बीच नए साल की शुरुआत में गंगासागर मेला (Gangasagar Mela) है।

बीजेपी नेता दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने गंगासागर मेला (Gangasagar Mela) के आयोजन पर राज्य सरकार से पुनर्विचार करने का आवेदन किया था, लेकिन सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आवेदन को खारिज कर दिया।

गंगासागर मेले (Gangasagar Mela) की तैयारियों का जायजा लेने गंगासागर पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी गंगासागर मेले पर रोक लगाने के सवाल पर अपना आपा खो दिया और कहा, “आप केवल गंगासागर मेला में रूचि रखते हैं। उनको ( केंद्र सरकार) को कुंभ मेला के बारे में सोचना चाहिए। क्या कुंभ मेला में रोक लगाई गई थी? गंगासागर जनता का है।”

गंगासागर मेला की तैयारियों की जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 29-30 को गंगासागर में थीं। वह गुरुवार को गंगासागर से लौट आईं। वापस आते समय पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोविड स्थिति में मेले को लेकर सतर्क किया।

ममता बनर्जी ने कहा, “संक्रमण थोड़ा बढ़ गया है। हम आपसे स्वच्छता नियमों का पालन करने का अनुरोध करेंगे। मास्क पहनें और सैनिटाइजेशन का इस्तेमाल करें। हम समय-समय पर पूरी स्थिति की समीक्षा करेंगे।”

बिहार-यूपी से आने वालों को मैं कैसे रोक सकती हूं: ममता बनर्जी

गंगासागर के बारे में सवाल पूछने से नाराज हुईं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘आप गंगासागर को लेकर इतने उत्साहित क्यों हैं? आपको गंगा के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। यह पब्लिक का मेला है। अगर जनता उत्तर प्रदेश, बिहार से आना चाहती है तो क्या हम इसे रोकेंगे? क्या मैं उन्हें रोक सकती हूं? क्या यह हमारे हाथ में है? हालांकि, जो लोग उत्तर प्रदेश, बिहार से आने की सोच रहे हैं, वे निश्चित रूप से बेहतर समझ के आएंगे। आप कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें”

मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, ‘मैं नए साल के जश्न को कैसे रोक सकती हूं? नकारात्मकता न फैलाएं। कोविड 6-7 महीने का नहीं है। कई कोविड अस्पतालों को खाली कराया गया। अब फिर से समीक्षा की जा रही है।”

गंगासागर मेले में शुरू हुआ टीकारण अभियान

दूसरी ओर, गंगासागर मेले में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने उन्हें टीकाकरण देना शुरू कर दिया है। इस बीच कपिल मुनि आश्रम के सामने अस्थाई टीकाकरण केंद्र खोल दिया गया है। टीकाकरण किया जा रहा है। संतों का टीकाकरण किया जा रहा है। राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, दस लाख टीका का स्टॉक है। जिला प्रशासन ने मास्क अनिवार्य अनिवार्य कर दिया है।