वाइस आर्मी चीफ का बड़ा बयान, मेड इन इंडिया ह;थि’यारों से युद्ध लड़ने को तैयार है इंडियन आर्मी

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SK Saini Vice Army chief
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली। भारत में रक्षा उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए हाल ही में पीएम मोदी ने बड़े ऐलान किए थे। इसी कड़ी में वाइस आर्मी चीफ एसके सैनी ने कहा है कि भारतीय सेना स्वदेशी ह;थि’यारों के साथ किसी भी यु;द्ध को लड़ने के लिए तैयार है।

केंद्र सरकार का लक्ष्य रक्षा उद्योग में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर है। सरकार इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में काम कर रही है। हाल ही में, सरकार ने रक्षा क्षेत्र के 101 उत्पादों पर आयात प्रतिबंध लगाया है।

स्वदेशी क्षमताओं का विकास जरूरी

फिक्की के वेबिनार में उप सेनाप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने कहा, सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं को विकसित करना अत्यावश्यक था क्योंकि खराब स्थितियों के दौरान, अन्य देशों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियां या तो उपलब्ध नहीं है या भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की कीमत पर हैं।

उप सेनाप्रमुख ने रक्षा उद्योग को मेक इन इंडिया पहल के लिए सेना की स्पष्ट प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया और इस धारणा को दूर करने की कोशिश की कि बल का आयात पूर्वाग्रह है। सैनी ने कहा, सेना स्थानीय रूप से उत्पादित उपकरणों के साथ लड़ने के लिए तैयार थी, लेकिन यह कड़े गुणवत्ता परीक्षण और डिलीवरी समयसीमा का पालन करने वाले निर्माताओं को मिले।

सेना को मजबूत करना जरूरी

उन्होंने कहा, सेना को अपने दुश्मनों से लड़ने के लिए सर्वोत्तम ह;थि’यारों और प्रणालियों से लैस करना महत्वपूर्ण था क्योंकि हारने वाले को भारी लागत का सामना करना पड़ता है। पूर्व सेना उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एएस लांबा (रिटायर्ड) ने कहा, उन्नत तकनीकों और विनिर्माण क्षमता के माध्यम से रक्षा उत्पादन में स्व-निर्भरता को स्वदेशी और तेजी से समेकित किया जाना एक प्रभावी और स्वतंत्र विदेश नीति के लिए अनिवार्य होगा।

सेना तीसरी पीढ़ी के एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों, पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों के उन्नयन, गो;ला बा;रू’द, ड्रोन किल सिस्टम और कई तरह के रडार सहित अन्य ह;थि’यारों के लिए स्वदेशी मार्ग के माध्यम से परियोजनाओं का एक रास्ता बना रही है।

PM मोदी ने किया था ऐलान

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के महत्व को कवर किया और इस दिशा में उठाए गए कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए 101 प्रकार के ह;थि’यारों और गोला-बारूद पर आयात प्रतिबंध लगाया है।