हादसे के बाद वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का बड़ा फैसला, अब सिर्फ इन्हें ही मिलेगी दर्शन की अनुमति

नई दिल्ली: Vaishno Devi Yatra: नए साल के पहले दिन ही माता वैष्णो देवी मंदिर (Shri Mata Vaishno Devi Temple) में भगदड़ की बुरी खबर मिली।

नए साल की भीड़ के दौरान तीर्थयात्रियों के दो समूहों के बीच झगड़े के बाद शुक्रवार देर रात हुई भगदड़ में 12 लोगों की जान जाने के बाद सुरक्षा पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इस भगदड़ के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आ रहे हैं।

अब इस तरह की स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए कुछ जरूरी कदम भी उठाए गए हैं। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगदड़ वाली घटना के एक दिन बाद ही रविवार को इस मामले को लेकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की। जहां मंदिर परिसर में किसी भी तरह की भीड़भाड़ को रोकने के लिए कई तरह की बातों पर चर्चाएं की गई। बोर्ड ने इस दौरान यह फैसला लिया कि यात्रा के लिए बुकिंग केवल ऑनलाइन ही की जा सकेगी।

अब ऑनलाइन बुकिंग कर करना होगा माता का दर्शन

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस बैठक के बाद ट्वीट करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई फैसले लिए गए। उन्होंने कहा कि अहम जांच के बाद आवश्यकता पड़ने पर व्यवस्थागत सुधारों, बुनियादी ढांचे का निर्माण शुरू करने, ऑनलाइन बुकिंग को 100 प्रतिशत बनाने के लिए निर्देश जारी किए गए।

उन्होंने कहा कि पूरे रास्ते पर भीड़भाड़ कम करने, भीड़ और कतारों के प्रभावी प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी के उचित इस्तेमाल, आरएफआईडी ट्रैकिंग करने समेत कई कदम उठाए गए। बोर्ड के सदस्य इसका क्रियान्वयन देखेंगे।

भगदड़ में जान गंवाने वालों को पांच लाख का मुआवजा

उन्होंने घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों में से प्रत्येक को पांच लाख रुपये की अतिरिक्त अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अनुग्रह राशि के तौर पर 10 लाख रुपये दिए जाने के अलावा इस दुर्भाग्यपूर्ण दुखद घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों को पांच लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी।

इस बीच, प्रधान सचिव (गृह) शालीन काबरा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति ने मंदिर का दौरा किया और अधिकारियों ने उन्हें जमीनी स्थिति की जानकारी दी।