बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद पर योगी सरकार ने कसा शिकंजा, 25 करोड़ी की 7 संपत्तियां कुर्क

प्रयागराज। गुजरात की अहमदाबाद जेल में बंद बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अतीक अहमद के भाई और पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ की 3 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद से ही यूपी पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।

योगी सरकार ने अब गैं;गस्टर एक्‍ट के तहत सीज की गई 7 सम्पत्तियों को कुर्क करने की भी कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

डीएम ने जारी किया था आदेश

प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद की लगभग 25 करोड़ की पांच सम्पत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई गई है। अप राध से अर्जित सम्पत्तियों को डीएम के आदेश पर कुर्क किया गया। चकिया में ढाई करोड़ के दो मकान, ओम प्रकाश सभासद नगर और कालिंदीपुरम में ढाई करोड़ के दो मकान और सिविल लाइन एमजी रोड में बीस करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। अन्य संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई जारी है।

बाहुबली अतीक अहमद की संपत्तियों को कुर्क करने के लिए पुलिस प्रशासन की कई टीमें एक साथ अतीक के 7 ठिकानों पर कुर्की की कार्रवाई कर रही है। अपराध के जरिए अर्जित की हुई संपत्ति को कुर्क करने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें सिविल लाइंस, खुल्दाबाद और धूमनगंज इलाके में पहुंचीं। इन टीमों ने सीज की गई सम्पत्तियों को कुर्क करने के लिए नोटिसें चस्पा करने की कार्रवाई कर दी है। पुलिस की एक टीम अतीक अहमद के चकिया स्थित आवास पर भी कुर्की की कार्रवाई कर रही है, जहां पर अतीक अहमद के वकील खान शौलत हनीफ भी मौजूद हैं।

13 अन्य संपत्तियां भी रडार पर

अतीक की कुर्क होने वाली सम्पत्तियों में उनका चकिया स्थित घर और कर्बला स्थित कार्यालय भी शामिल है। गौरतलब है कि गैं गस्टर एक्‍ट के तहत डीएम भानु चन्द्र गोस्वामी ने 28 अगस्त तक सात संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही अभी 13 अन्य सम्पत्तियों को कुर्क करने का मामला भी डीएम के समक्ष विचाराधीन है।

बाहुबली अतीक अहमद की सम्पत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई को कैबिनेट मंत्री और यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह ने सही बताया है। उन्होंने कहा है कि योगी सरकार कर प्शन और भूमाफियाओं को लेकर जीरो टालरेंस वाली सरकार है और इस सरकार में अप राधियों और माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने अतीक को लेकर कहा है कि जैसी करनी वैसी भरनी।