चंद्रशेखर आजाद का सपा अध्यक्ष पर बड़ा हमला- गठबंधन में अखिलेश दलितों को नहीं चाहते

डेस्क: आजाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के अध्यक्ष और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर जोरदार हमला बोल दिया है। भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के बीच गठबंधन की बात कही जा रही थी।

शुक्रवार को दोनों नेताओं के बीच चर्चा के बाद खबर आई थी कि जल्द ही दोनों दलों के बीच समझौता हो जाएगा। लेकिन, अब दोनों दल एक-साथ आते नहीं दिख रहे हैं। चंद्रशेखर (Chandrashekhar Azad) ने अखिलेश (Akhilesh Yadav) पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि गठबंधन में वे दलितों को नहीं चाहते हैं।

चंद्रशेखर ने कहा कि पिछले दिनों हम गठबंधन को लेकर चीजों को फाइनलाइज कर रहे थे। हमारी बात लगातार समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से चल रही थी। हमें उनकी बातों से जो चीज लगी, उससे साफ हो गया है कि वे गठबंधन में बहुजनों को नहीं चाहते हैं। कई मुद्दों को साफ करना जरूरी था। सत्ता में आने के बाद राजनीतिक दलों का चरित्र बदलता है। पूर्व की सरकार में इस प्रकार के उदाहरण देखने को मिले हैं। ऐसे में हम दलित अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने को संकल्पित हैं। हमारे अधिकारों के मसले पर सपा अध्यक्ष चुप रहे।

अखिलेश ने हमें अपमानित किया

चंद्रशेखर ने कहा कि अभी अखिलेश जी वोट लेकर सत्ता में आ जाते हैं तो आगे की स्थिति पर अभी चर्चा होनी जरूरी थी। बुद्धिजीवियों ने हमें चेताया कि सत्ता में आने के बाद कहीं दलितों के घर न जलाए जाएं? उनका शोषण न शुरू हो जाए? महिलाओं को पीटा न जाने लगे? हाथरस जैसी घटना न हो? इन मुद्दों पर हम बात कर रहे थे। अखिलेश जी ने 40 दिनों तक बात करने के बाद हमें अपमानित किया। बहुजन समाज के लोगों का अपमान किया।

चंद्रशेखर ने कहा कि सपा को दलितों की जरूरत नहीं है। अखिलेश जी सामाजिक न्याय का मतलब नहीं समझ पाए हैं। हमसे बातचीत की। इसमें उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। वे दलितों की लीडरशिप खड़ी नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने हमें कोई जानकारी नहीं दी। हमने उन पर जिम्मेदारी छोड़ी थी कि वे हमें जानकारी दें। लेकिन, उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। अब दलित अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरेंगे।

बातों पर टिका रहना जरूरी

चंद्रशेखर ने कहा कि एक आदमी को उतना ही बोलना चाहिए, जितना उसमें हिम्मत हो। मैं भी उतना ही बोलता हूं, जिस पर टिका रह सकूं। मैं फालतू नहीं बोलता। उन्होंने कहा कि छह माह से गठबंधन की कोशिश चल रही थी। 20 फीसदी बहुजन समाज को उचित रास्ता दिलाने के लिए हमने अखिलेश जी पर भरोसा किया। छह माह से हमारी बातें हुई, मुलाकात हुई।

चंद्रशेखर ने कहा कि प्रमोशन रिजर्वेशन, सामाजिक न्याय, बैकलॉग के मामलों पर हमारी बात हुई। मुस्लिम समाज को भी उन्होंने 18-19 फीसदी आरक्षण देने की बात कही थी। घोषणा करना अलग है, उस पर टिके रहना अलग बात है।

40 दिन से चल रही थी बात

चंद्रशेखर ने कहा कि पिछले 40 दिनों से हमारी अखिलेश यादव से बात चल रही है। हमने काफी मुश्किल से अपने समाज में रीढ़ की हड्‌डी पैदा की है। उनमें विश्वास टूट गया था। अब वह पैदा हुआ है। उसको अब टूटने नहीं दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश जी की पार्टी से जो विधायक जाएंगे, वे अपने अध्यक्ष के प्रति ईमानदार रहेंगे। ऐसे में बहुजन समाज को अपना अलग लीडर चाहिए।

भाजपा को रोकने के लिए हर प्रयास

चंद्रशेखर ने भाजपा को सरकार बनाने से रोकने के लिए हर प्रकार के प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमने इसके लिए अन्य सभी चीजों को पीछे छोड़ा। मेरे खिलाफ 100 से मुकदमे हुए। 16 माह जेल में रहा। चंद्रशेखर ने कहा कि इस सबके बाद अखिलेश जी को दलित लीडर की जरूरत नहीं है। वे चाहते हैं कि दलित उन्हें वोट करें।

उन्होंने कहा कि दलित अगर उन्हें वोट कर देंगे, तो इसका अलग ही संदेश जाएगा। मैं कांशीराम को अपना नेता मानता हूं। उन्होंने नेताजी को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद क्या हुआ, सबको पता है। इसी डर को लेकर हम लगातार अखिलेश जी से बात कर रहे थे।

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