BJP में और बढ़ी भागमभाग, मंत्री धर्म सिंह सैनी और तीन विधायकों ने आज दिया इस्तीफा

डेस्क: (UP Election 2022) यूपी भाजपा (UP BJP) में संकट थमता नहीं दिख रहा है। गुरुवार को चौथा जबकि अब तक 10वें भाजपा का इस्तीफा आ गया है। औरया से बिधूना विधायक विनय शाक्य (Vinay Shakya), योगी सरकार (Yogi Govt) में आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी (Dharm Singh Saini), शिकोहाबाद से विधायक मुकेश वर्मा (Mukesh Verma) और लखीमपुर खीरी से विधायक बाला प्रसाद अवस्थी (Bala Prasad Awasthi) ने आज इस्तीफा दे दिया।

धर्म सिंह सैनी (Dharm Singh Saini) स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) के बेहद करीबी हैं। चारों नेताओं ने पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बुधवार को ही विनय शाक्य ने भाजपा से जाने का ऐलान किया था। विधायक ने कहा कि स्वामी प्रसाद जहां कहेंगे वहां जाएंगे।

वहीं, सुल्तानपुर सदर से भाजपा विधायक सीताराम वर्मा ने भाजपा छोड़ने की खबर को अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि मैं कभी भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में नहीं जा सकता।

मंगलवार से जारी है इस्तीफों का सिलसिला

स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर बीजेपी छोड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद तिंदवारी विधानसभा से भाजपा के विधायक विधायक ब्रजेश प्रजापति, विधायक रोशन लाल वर्मा, भगवती सागर ने इस्तीफा दे दिया। आज मंत्री धर्म सिंह सैनी, शिकोहाबाद से विधायक मुकेश वर्मा और लखीमपुर खीरी से विधायक बाला प्रसाद अवस्थी और औरया से बिधूना विधायक विनय शाक्य ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया।

भाजपा से इस्तीफों के बीच स्वामी प्रसाद का ट्वीट

भाजपा में मची भागमभाग के बीच स्वामी प्रसाद मौर्य का नया ट्वीट सामने आया है। उन्होंने कहा है कि नाग रूपी आरएसएस और सांप रूपी बीजेपी को स्वामी रूपी नेवला यूपी से खत्म करके ही दम लेगा।

विनय शाक्य गुरुवार को स्वामी प्रसाद मौर्य के आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी मां के साथ स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात की। आजतक से बातचीत में विनय शाक्य ने कहा कि बीजेपी में न तो काम हो रहा था और न ही सम्मान मिल रहा था।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजे गए चिट्ठी में शाक्य ने लिखा है कि प्रदेश सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल में दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं व जनप्रतिनिधियों को कोई तवज्जों नहीं दी गई और न उन्हें उचित सम्मान दिया गया। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा ही दलितों, पिछड़ों, किसानों व बेरोजगारों नौजवानों और छोटे-लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की भी घोर उपेक्षा की गई है। प्रदेश सरकार के ऐसे कूटनीतिपरक रवैये के कारण मैं भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। स्वामी प्रसाद मौर्य शोषितों और पीड़ितों की आवाज हैं। वे हमारे नेता हैं, मैं उनके साथ हूं।

परिवार ने कही था लापता होने की बात

विनय शाक्य के भाजपा छोड़ने से पहले कुछ ड्रामा भी चला। बिधूना के विधायक विनय शाक्य के लापता होने की बात परिवार ने कही थी। इसके बाद विनय शाक्य का बयान आया था और उन्होंने अपहरण की खबर को गलत बताया था। साथ ही कहा था कि वे स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ समाजवादी पार्टी में जाएंगे।

बताया गया था कि विनय शाक्य का स्वास्थ्य खराब है और पैरालयसिस होने के कारण वह साफ बोल नहीं पाते। अस्पष्ट शब्दों में ही शाक्य ने सपा में जाने की बात कही। इतना ही नहीं विनय शाक्य की मां और भाई ने अपहरण की बात का खंडन किया था। उन्होंने विनय की बेटी रिया के वीडियो को ही साजिश बता दिया था।

क्या था मामला

मौर्य के बीजेपी से इस्तीफे के बाद औरैया जिले की बिधूना सीट से भाजपा विधायक विनय शाक्य की बेटी रिया का बयान आया था। इसमें रिया ने पिता के अपहरण की बात कही थी और आरोप पिता के भाई पर लगाया था। विनय शाक्य की बेटी रिया ने एक बयान जारी कर अपने ही चाचा देवेश शाक्य पर गंभीर आरोप लगाया था। कहा था कि उन्हें जबरदस्ती लखनऊ ले जाया गया है।

रिया वीडियो में कहती हैं कि मैं इस वीडियो के माध्यम से आप सभी बिधूना वासियों को एक महत्वपूर्ण बात बताना चाहती हूं। आप सबको ज्ञात होगा कि मेरे पिताजी को कुछ साल पहले लकवा मार दिया था जिसके बाद से वो चलने फिरने में असमर्थ हैं। उनके बीमारी का फायदा उठा कर मेरे चाचा देवेश शाक्य ने उस वक़्त से ही उनके नाम पर अपनी व्यक्तिगत राजनीति की है और जनता का शोषण किया है। आज उन्होंने हद पार करते हुए जबरन मेरे पिताजी को घर से उठाकर सपा में शामिल करने के लिए लखनऊ ले गए हैं।

बेटी ने सीएम योगी की तारीफ की थी

रिया ने आगे कहा था कि मैं उनकी पुत्री होने के नाते आप लोगों को बताना चाहती हूं कि हम भाजपाई हैं और पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उस दौर में जब किसी ने हमारी मदद नहीं की तो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारी मदद की और पिताजी का इलाज कराया। आज चंद लोग हमारे समाज के नेता बनने के नाम पर अपनी राजनीति चमका रहे हैं और फिर से वही गुंडई पर आ गए हैं। ये लोग मेरा भी अपहरण करने का प्रयास कर रहे हैं। मैं प्रशासन और पार्टी नेतृत्व को बताना चाहती हूं कि मैं अपने पिताजी की उत्तराधिकारी हूं और हम लोग पूर्णतः भाजपाई हैं।

पुलिस ने भी अपहरण की खबर को गलत बताया था

इस बीच औरैया के पुलिस अधीक्षक ने कहा था कि विधायक विनय शाक्य बिधूना, शान्ति कालोनी जनपद इटावा में सकुशल अपनी मां के साथ मौजूद हैं। अपहरण का आरोप असत्य एवं निराधार है, प्रकरण पारिवारिक विवाद से सम्बन्धित है। अब विनय ने खुद इसपर बयान दे दिया है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (up Election 2022) की तारीखों के ऐलान के बाद बीजेपी को पिछले 2 दिन में एक के बाद एक कर कई बड़े झटके लगे। इसी कड़ी में बुधवार को ओबीसी नेता दारा सिंह चौहान ने योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। दारा सिंह पिछले 2 दिन में इस्तीफा देने वाले 6वें नेता हैं। हालांकि, इस दौरान एक कांग्रेस विधायक और एक सपा विधायक बीजेपी में शामिल भी हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में होना है चुनाव

403 विधानसभा सीटों वाले यूपी में 10 फरवरी से 7 मार्च तक विधानसभा चुनाव होना है। नतीजे 10 मार्च को आएंगे।

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