Uighur Muslims की जन्म दर में भारी गिरावट, अपने देश में जबरन मुस्लिम महिलाओं की नसबंदी कर रहा चीन

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अपने देश में जबरन मुस्लिम महिलाओं की नसबंदी कर रहा चीन, Uighur Muslims की जन्म दर में भारी गिरावट
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली. दुनिया भर के देशों को परेशान करने वाला चीन में उइगर मुसलमान (Uighur Muslims) का बुरा हाल है. एक ब्रिटिश मीडिया वेबसाइट की खबर के अनुसार, चीन ने इस बात को माना है कि शिनजियांग राज्य में रहने वाले उइगर मुसलमानों (Uighur Muslims) में जन्म दर में भारी गिरावट आई है.

हालांकि, चीन यह बात मानने को तैयार नहीं है कि उसने डिटें शन सेंटर में उइगर मुस्लिम महिलाओं का गर्भ पात या नस बंदी कराई है.

क्या कहती है Uighur Muslims पर रिपोर्ट

ब्रिटिश मीडिया संस्थान डेली मेल के अनुसार इससे पहले बीजिंग में मौजूद चीनी सरकार के नुमाइंदों ने कहा था कि उइगर मुसलमानों (Uighur Muslims) की आबादी तेजी से बढ़ रही है. जबकि, उइगर कह रहे थे कि हमनें अपनी महिलाओं को जबरदस्ती गर्भ पात और नस बंदी के लिए प्रोत्साहित किया है, ताकि उइगर मुसलमानों की आबादी कम की जा सके.

चीन ने माना उइगर मुस्लिमों की जन्मदर में गिरावट

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी सरकार ने अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन से ये बात मानी है कि शिनजियांग में 2017 से 2018 के बीच जन्म दर में एक तिहाई की गिरावट आई है. आपको बता दें कि करीब 10 लाख उइगर मुसलमान (Uighur Muslims) चीन के डिटें शन कैंप में बंद हैं. इसे लेकर दुनियाभर में चीन की काफी निंदा भी हुई है.

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आरोप लगाया जाता है कि चीन इन डिटें शन कैंप्स में उइगर मुसलमानों की आबादी कम करने के लिए जबरदस्ती नस बंदी और गर्भ पात कराता है. हालांकि, दुनिया को दिखाने के लिए डिटें शन कैंप का नाम वोकेशनल स्किल एजुकेशन सेंटर रखा गया है. कुछ डॉक्टरों ने नाम ने बताने की शर्त पर उइगर मुसलमानों (Uighur Muslims)पर हो रही ज्या दतियों के बारे में बताया है.

शिनजियांग में हैं मुस्लिमों की बड़ी आबादी

शिनजियांग में करीब 1.10 करोड़ उइगर मुस्लिम (Uighur Muslims) रहते हैं. उइगर मध्य एशिया से अपने सांस्कृतिक और भाषाई संबंध रखते हैं. चीन की सरकार चाहती है कि शिनजियांग में बहुसंख्यक हान समुदाय के लोग जाकर बस जाएं. चीन का ये प्रयास साल 1949 से चला आ रहा है. उइगरों ने कई बार हान समुदाय की बढ़ती आबादी और सरकार द्वार लगाए जा रहे धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतिबंधों का विरोध किया है.

मानवाधिकार समूहों का कहना है कि चीन ने उइगर समुदाय के खिलाफ लड़ाई इसलिए छेड़ी थी, क्योंकि उन्हें लगता था कि इस समुदाय के लोग अमेरिका द्वारा फंडेंड आ तं’की मिशन का हिस्सा है. इसके बाद चीन ने उइगर मुसलमानों (Uighur Muslims) के खिलाफ बच्चे कम पैदा करने की मुहिम चलाई लेकिन उइगर इस बात के लिए तैयार नहीं हुए. बाद में चीन ने अपनी एक बच्चा नीति से उइगरों को बाहर कर दिया.