Srinagar में ‘Pulwama Attack’ दोहराने की साजिश, 370 हटने के बाद सबसे बड़ा अटैक

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर (Srinagar Terrorist Attack) में लाल चौक से करीब 9 किलोमीटर दूर एक बड़ा आतं’की हम’ला हुआ। 13 दिसंबर 2021 को शाम 6 बजे श्रीनगर के जेवन इलाके में आतं’कियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वाहन को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गो’लियां बरसाईं।

यह हम’ला उसी रोज हुआ, जिस दिन 20 साल पहले दिल्ली में संसद भवन पर आतं’की हम’ला (Parliament Attack 2001) हुआ था। हमले में एक बार फिर सुरक्षाबलों की बस को निशाना बनाया गया। Pulwama Attack के दौरान ऐसी ही एक बस से 2019 में एक विस्फो’टक लदी कार लड़ाकर आतं’कियों ने सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया था। इस वारदात में 40 जवान शहीद हुए थे।

अगस्त से ही मिल रहे थे हाइवे पर अटैक के इनपुट

सुरक्षाबलों पर हुआ यह हमला एक सोची समझी साजिश का हिस्सा लगता है। अगस्त 2021 से ही जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सुरक्षाबलों के काफिले पर हम’ले की साजिश होने का खुफिया अलर्ट एजेंसियों को मिल रहा था। अगस्त महीने में शोपियां-अनंतनाग हाइवे पर आतं’कियों की लगाई एक IED को जवानों ने डिफ्यूज कर दिया था।

हमले की साजिश करने वाले कई आतं’की हुए ढेर

इससे पहले जून से लेकर जुलाई के बीच 16 आतं’की मुठभेड़ में 2 दर्जन से ज्यादा आतं’की मा’र गिराए गए थे। इनमें से कई ने हाइवे पर हम’ले की साजिश रची थी और इसके लिए विस्फो’टक और हथि’यार भी जुटाए थे। वहीं बीते महीने 16 नवंबर को श्रीनगर-बारामुला हाइवे पर 2 आतं’कियों को मा’र गिराया गया था। इस मुठभेड़ के 24 घंटे पहले ही इन आतं’कियों ने पुलिस टीम पर वैसा ही हम’ला किया था, जैसा हमला 13 दिसंबर 2021 को जेवन इलाके में हुआ।

आतंकी हमले का अलर्ट हुआ नजरअंदाज!

इस हमले के एक रोज पहले केंद्रीय एजेंसियों ने आगाह किया था कि बारामुला हाइवे पर किसी आ’तं’की हमले की साजिश हो सकती है। इसके बावजूद भी बस में सवार जवानों को लेकर कोई खास एहतियात नहीं बरती गई। वहीं ट्रेनिंग सेंटर जाने के वक्त सभी निहत्थे एक सामान्य बस में सवार हुए।

श्रीनगर के बाहरी इलाके को बनाया निशाना

जिस जेवन इलाके में आतंकियों ने सुरक्षाबलों की बस पर फाय’रिंग की, वह लाल चौक से करीब 9 किलोमीटर दूर है। आतंकियों ने शाम को कश्मीर आर्म्ड फोर्सेज के जवानों को लेकर जा रही एक बस पर हमला किया। इस बस में अधिकतर कॉन्स्टेबल सवार थे। ये सभी जवान कश्मीर आर्म्ड फोर्सेज की 9वीं बटालियन से जुड़े हुए थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि 2-3 हमलावरों ने शाम के वक्त बस पर फाय’रिंग की और यह लोग यहां पर घात लगाकर बैठे हुए थे। हमले के बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की। इस दौरान एक आतं’की घायल हुआ, लेकिन हम’लावर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

हमले के बाद अस्पताल ले जाने में परेशानी

आतंकी हमले के बाद जवानों को तत्काल श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि हमले के स्थान से श्रीनगर के महाराजा हरि सिंह अस्पताल ले जाने के बीच पुलिस को थोड़ी देर हुई। हमले के बाद तत्काल जवानों को इस अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान ASI गुलाम हसन और कॉन्स्टेबल शफीक अली शहीद हो गए। इसके अलावा एक अन्य जवान ने देर रात इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।

अनुच्छेद 370 के अंत के बाद इतनी बड़ी वारदात

आर्टिकल 370 के अंत के बाद सुरक्षाबलों पर हम’ले की यह सबसे बड़ी वारदात है। श्रीनगर में हुए इस हमले में अब तक 3 जवान शहीद हुए हैं और 12 के घायल होने की सूचना मिली है। आर्टिकल 370 के अंत के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी घटना है। डीजीपी दिलबाग सिंह के मुताबिक, हमले के बाद जवानों ने भाग रहे आतं’कियों पर गोलीबारी की थी। क्रॉस फायरिंग में एक हमलावर घा’यल हुआ, लेकिन वह अन्य साथियों के साथ भागने में कामयाब रहा।