बिहार चुनाव के बाद महागठबंधन में रार, Tejashwi Yadav का नेतृत्व हजम नहीं कर पा रही कांग्रेस

नई दिल्ली. बिहार चुनाव के बाद से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अगुवाई में चल रहे महागठबंधन के हालात इन दिनों ठीक नहीं है. तेजस्वी (Tejashwi Yadav) के नेतृत्व के बीच पार्टी में सियासी उठापटक देखने को मिल रही है, जिसका सीधा असर महागठबंधन में देखने को मिल ररहा है.

जहां एक तरफ, आरजेडी (RJD) इस बात का आरोप बिहार विधानसभा चुनाव में बहुमत से महज एक दर्जन सीट पीछे रहने की वजह कांग्रेस को अधिक सीटें और खराब प्रदर्शन को बताती रही है. वहीं, अब सुल्तानगंज से कांग्रेस उम्मीदवार रहे लल्लन कुमार के बयान ने महागठबंध और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नेतृत्व पर सवाल खड़ा कर दिया है.

क्या बोले लल्लन

सुल्तानगंज से कांग्रेस उम्मीदवार रहे लल्लन कुमार ने कहा है कि कांग्रेस में सवर्ण और दबंग जतियों से आने वाले नेताओं का कब्जा है और वे नेता तेजस्वी (Tejashwi Yadav) को हजम नहीं कर पा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: कोरोना की वजह से स्थगित हुआ शीतकालीन सत्र, जनवरी में शुरू होगा बजट सत्र

लल्लन कुमार का सीधे तौर पर कहना है कि चुनाव खत्म होने के बाद कांग्रेस के कई नेताओं को राजद नेता और महागठबंधन के चेहरे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को स्वीकार करने में परेशानी हो रही है.

महागठबंधन की एकता पर सवाल

बिहार यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार ललन कुमार ने कहा, महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठते रहे हैं. कई मौकों पर महागठबंधन ने एकजुटता नहीं दिखाई हैं. ललन कुमार ने आगे कहा कि बिहार कांग्रेस से जुड़े नेताओं को लेकर ये माना जा रहा है कि वे लालू यादव और उनकी पार्टी जेडीयू से छुटकारा पाना चाहती हैं.