प्रवासी मजदूरों के ‘मसीहा’ सोनू सूद, दिलवा रहे रोजगार.. लोग ने बताया असली ‘महानायक’

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Sonu Sood Migrant Workers
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली। कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों की हर संभव मदद करने वाले अभिनेता सोनू सूद की सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है। कोई सोनू को रियल लाइफ हीरो तो कोई असली ‘महानायक’ बता रहा है।

इन तमाम उपाधियों के बीच सोनू सूद बिना रुके अपने अच्छे कामों का सिलसिला जारी रखे हुए हैं। अब सोनू सूद ने प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है।

रोजगार ढूंढने में करेंगे मदद

दरअसल, लॉकडाउन के दौरान सोनू सूद कई लोगों के जिंदगी के सुपरहीरो साबित हुए। सोनू का ये काम जारी है, लेकिन घर वापसी के बाद बेरोजगार मजदूरों की संख्या 1 लाख तक पहुंच गई है। अब ऐसे लोगों के लिए सोनू एक ऐप लेकर आए हैं जिसका नाम है ‘प्रवासी रोजगार’। इससे वर्कर्स को रोजगार ढूढ़ने में मदद मिलेगी।

सोनू सूद इस कोरोना महामारी के बीच लोगों के मसीहा बनकर सामने आए हैं। लोगों को घर पहुंचाने और छत देने के बाद अब वह जरूरतमंदों के रोजगार की व्यवस्था भी कर रहे हैं।

क्या बोले सोनू

सोनू बताते हैं, अपने गांव लौटने के बाद ये मजदूर रोजगार ढूंढ़ रहे हैं। इस वक्त यह काफी मुश्किल है। हालांकि उन्हें काम दिलाने की केंद्र सरकार की योजना है लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन की जरूरत है। इन वर्कर्स को शहरों, कस्बों में काम से जोड़ना जरूरी है। वहीं उनके गांव में भी काम के मौके उपलब्ध करवाने की कोशिश करूंगा।

इस काम के लिए सोनू अपने इंजीनियर दोस्तों की मदद ली है। कई कंपनियां और एनजीओ उन्हें काफी सपोर्ट कर रहे हैं। यह ऐप फिलहाल इंग्लिश में है। जल्द ही 5 भाषाओं में होगा। इससे कामगरों को एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने में भी मदद मिलेगी।

शुरू किया गया रजिस्ट्रेशन

सोनू बताते हैं, हमारी वेबसाइट और एक ऐप है। ग्राउंड पर लोग हैं जो वर्कर्स को रजिस्ट्रेशन में मदद करेंगे। हमारा हेल्पलाइन नंबर है। लोग इस पर फोन करके खुद को रजिस्टर कर सकते हैं। हमें उनकी योग्यता बताइए और जो सीखना हो वो भी बताइए। हम उनकी प्रोफाइल बनाएंगे, ट्रेनिंग देंगे और उन्हें अच्छा काम देने वाले तक भी पहुंचाएंगे।

सोनू ने बताया, इस वक्त लोगों को नहीं पता कि काम कहां मिलेगा। जो लोग काम करने वालों की तलाश में हैं उन्हें नहीं पता कि काम करने वाले कहां मिलेंगे। लोगों को काम दिलाने की इस कोशिश में उनसे एक रुपया भी चार्ज नहीं किया जाएगा।