शिवसेना का योगी सरकार पर तंज- कानून के नहीं, यूपी में गुंडों के हाथ लंबे

New Delhi: महाराष्ट्र में सत्ताधारी शिवसेना (Shivsena) उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर एक बार फिर हमलावर है। इस बार कानपुर शूटआउट को लेकर शिवसेना ने यूपी की योगी सरकार (Yogi Govt) के खिलाफ हमला बोला है।

प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पार्टी (Shivsena) ने कहा कि यूपी में कानून के नहीं गुंडों के हाथ लंबे हैं। अगर यह जारी रहा तो घर-घर से अफजल का पता नहीं लेकिन हर घर से विकास दुबे जरूर निकलेगा।

शिवसेना (Shivsena) ने पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में अपने चिर-परिचित अंदाज में योगी सरकार (Yogi Govt) पर हमला बोला। पार्टी ने कहा कि घटना के बाद चौबेपुर पुलिस स्टेशन के प्रमुख विनय तिवारी को निलंबित कर दिया गया। इसकी जांच भी की जा रही है लेकिन कानपुर की घटना इस बात का प्रमाण है कि यूपी में गुंडों और पुलिस में ‘मिलीभगत’ है।

संपादकीय में आगे कहा गया कि यूपी सरकार आरोपी के न मिलने पर उसके घर ध्वस्त कर रही है लेकिन प्रदेश में कई जगहों पर कुछ लोगों के वरदहस्त के नीचे गुंडे के जो घर बने हैं, अगर उन्हें पहले ही ध्वस्त कर दिया गया होता तो 2 जुलाई को यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं होती।

कानून के नहीं, यूपी में गुंडों के हाथ लंबेः शिवसेना

शिवसेना ने कहा, ‘विकास दुबे के घर के अवैध होने का गुप्त ज्ञान यूपी शासन को 8 पुलिसकर्मियों मौ’त के बाद होने से बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा? विकास दुबे जैसा गुंडा कार्रवाई के लिए पुलिसकर्मियों पर सीधे फायरिंग करके उनकी हत्या कर देता है, अपने गुर्गों के साथ भाग जाता है।’

पार्टी ने आगे कहा कि कानून के बदले गुंडों के ‘हाथ लंबे’ होने के कारण वह ऐसा करने की हिम्मत कर पाया। अगर यह ऐसे ही जारी रहा तो ‘घर घर से अफजल’ निकलेगा क्या? यह तो पता नहीं लेकिन उत्तर प्रदेश में ‘घर घर से विकास दुबे’ निकल सकता है।

एनकाउंटर पर सवाल

शिवसेना ने यूपी में अपराधियों के एनकाउंटर पर भी सवाल उठाया। संपादकीय के जरिए पार्टी ने कहा कि योगी सरकार को आए तीन साल से ज्यादा समय हो गया। इस दौरान 113 से ज्यादा एनकाउंटर हुए लेकिन उनमें विकास दुबे कैसे छूट गया? दुबे पर लूट और डकैती के 60 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं लेकिन वह सबूतों के अभाव में कैसे बच गया? पुलिस ही उसकी गवाह कैसे बन जाती थी? क्या यूपी पुलिस और सरकार की सुविधानुसार एनकाउंटर की सूची तैयार की जा रही है? पार्टी ने कहा कि 2 जुलाई की घटना इन आरोपों की पुष्टि करती है।

विकास दुबे को नेपाल का दाऊद साबित होने की आशंका का जिक्र करते हुए शिवसेना ने पड़ोसी देश की सीमाओं को लेकर भी चिंता जाहिर की। पार्टी ने कहा कि ऐसे मामलों में नेपाल की सीमा हमेशा हमारे लिए चिंता का विषय रही है। फिलहाल, हमारे संबंध नेपाल के साथ अच्छे नहीं है।