Sawan 2020: आज है सावन का पहला सोमवार, इस तरह करें भोलेनाथ को प्रसन्न, होगी पूरी मुराद

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Sawan 2020, श‍िव, भोलेनाथ
(Image Courtesy: Google)
New Delhi: सावन सोमवार: सावन (Sawan 2020) का महीना भगवान शिव (Lord Shiva) के साथ-साथ उनके भक्तों के लिए भी विशेष प्रिय माह होता है। इस बार सावन का पहला सोमवार 6 जुलाई को है। मान्यता है कि इस महीने भगवान विष्णु पाताल लोक में रहते हैं इसलिए भगवान शिव सृष्टि का संचालन करते हैं।

भगवान भोलेनाथ (Lord Shiva) केको प्रसन्न करने के लिए यह माह (Sawan 2020) उत्तम माना जाता है क्योंकि भगवान शिव इस माह कैलाश त्यागकर भूलोक पर निवास करते हैं।

ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं, जिनके करने से भगवान भोलेनाथ मनचाहा वरदान प्राप्त करते हैं और सभी समस्याओं का अंत करते हैं। आइए जानते सावन (Sawan 2020) में भगवान भोलेनाथ को किस तरह प्रसन्न करें…

सभी मुरादें करते हैं पूरी

सावन सोमवार (Sawan Somvar) के दिन भगवान शिव पर धतूरा, भांग और बेलपत्र चढ़ाएं। जब भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान हलाहल विष का पान किया था तब देवताओं ने उसकी गर्मी को दूर करने के लिए भगवान शिव के सिर पर धतूरा और भांग और जल चढ़ाया था।

शास्त्रों में बेलपत्र के तीनों पत्तों को रज, सत्व और तमोगुण का प्रतीक माना है, साथ ही यह ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक हैं। इसलिए भगवान सावन में शिवलिंग पर धतूरा, भांग और बेलपत्र चढ़ाएं, ऐसा करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और सभी मुरादें पूरी करते हैं।

अकाल मृ’त्यु का भय होता है खत्म

शिवपुराण के अनुसार, सावन के सोमवार के दिन मिट्टी के शिवलिंग बनाकर पूजा करने पर विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसकी पूजा करने पर अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है और स्वर्ग में स्थान प्राप्त होता है। पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और अखंड शिवभक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शिवलिंग के निर्माण के समय ध्यान रखें किय यह 12 अंगुल से ऊंचा नहीं होना चाहिए।

पूरी होती हैं सभी मनोकामनाएं

शिवपुराण के अनुसार, आप घर में या फिर शिवालय जाकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें और फिर रुद्राष्टक स्तोत्र का पाठ करें। वैसे तो भगवान भोलेनाथ को सरल उपासना से आप प्रसन्न कर सकते हैं लेकिन रुद्राभिषेक से वह आपकी सभी समस्याओं का अंत करते हैं और मनचाहा वरदान प्राप्त करते हैं। साथ ही इससे ग्रह जनित दोष और रोगों से भी मुक्ति मिलती है।

सावन में यह पवित्र स्नान भगवान शिव के रूद्र अवतार को कराया जाता है क्योंकि एकदाशी के दिन भगवान विष्णु सो जाते हैं और चतुर्दशी के दिन भगवान शिव सो जाते हैं। तब वह अपने दूसरे रूप रुद्रावतार से सृष्टि का संचालन करते हैं।

इस तरह करें भगवान शिव की आरती

भगवान शिव को अजन्मा और अविनाशाी माना गया है। भगवान शिव अन्य देवताओं से अलग मंदिर में शिवलिंग रूप में पाए जाते हैं। सावन का महीना भगवान शिव को विशेष प्रिय है इसलिए सुबह के साथ-साथ शाम को भी उनकी आरती जरूर करें।

आरती में 1, 5, 7, 11 या 21 बत्तियां रख सकते हैं या फिर कपूर से भी उनकी आरती कर सकते हैं। आरती इस तरह करें कि ओम की आकृति बने और शिव परिवार में पांच लोग हैं इसलिए आरती के बाद 5 बार शिव को आरती दिखाएं। ऐसा करने से भगवान भोलेनाथ आपकी हर समस्या का अंत करते हैं और घर में सुख-शांति के साथ समृद्धि का भी आशीर्वाद देते हैं।

इस तरह करें शिव को प्रसन्न

बैल यानी नंदी भगवान शिव का वाहन है और हर मंदिर में शिव के साथ नंदी बाबा की मूर्ति जरूर होती है। मान्यता है कि नंदी बाबा के कान में अपनी बात कह देने पर वह भोलेनाथ तक अर्जी जरूर पहुंचा देते हैं।

सावन में अगर आपके दरवाजे पर कोई बैल आए तो उसको खाने को जरूर कुछ ना कुछ अवश्य दें या फिर उसको पानी के लिए बाल्टी रख दें, उनको भगाना नहीं चाहिए। नंदी को मारना शिव की सवारी का अपमान करने के समान माना गया है। ऐसे करने से भगवान शिव क्रोध होते हैं।