सऊदी अरब ने दिया चीन को बड़ा झटका, रद्द की 75000 करोड़ की डील… भारत भी चौकन्ना

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में घिरे चीन की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। चीन के खिलाफ विरोध के सुर पूरी दुनिया में उठ रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब ने भी चीन को बड़ा झटका दिया है। सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अबरामको ने चीन के साथ 75 हजार करोड़ की डील खत्म कर दी है।

इस डील के तहत अरामको चीन के साथ मिलकर एक रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स बनाने वाली थी। चीन के लिए यह बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।

क्या है वजह

बिजनेस अखबार इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना काल में तेल काफी सस्ता हो गया है। तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है। ऐसे में वर्तमान हालात को ध्यान में रखते हुए अरामको ने इस डील को खत्म करने का फैसला किया है।

अरामको को 75 अरब डॉलर डिविडेंड जारी करना है

रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में तेल कंपनियों की हालत लगभग एक जैसी है। मांग और कीमत में कमी के कारण उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। अरामको ने फिलहाल कैपिटल एक्सपेंडिचर घटाने पर फोकस किया है। कंपनी ने 75 अरब डॉलर का डिविडेंड जारी भी करने का फैसला किया है। इस डिविडेंड का बड़ा हिस्सा सऊदी किंगडम को जाता है जो फिलहाल कैश की भारी किल्लत से गुजर रहा है।

फरवरी 2019 में हुई थी डील

इस डील की बात करें तो फरवरी 2019 में क्राउन प्रिंस सलमान ने खुद यह डील साइन की थी। इस डील के बाद दो बातें सामने निकल कर आई थीं। पहली बात कि अरामको एशियाई बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। साथ ही इस डील के सहारे आने वाले दिनों में चीन बड़े पैमाने पर सऊदी अरब में निवेश करेगा। हालांकि कोरोना के कारण फिलहाल सबकुछ पर ब्रेक लग गया है।

भारत में 44 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की थी अरामको

अरामको के इस फैसले के बाद अब सरकार की नजर 44 अरब डॉलर की भारत के साथ डील पर है। अरामको ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी मेगा रिफाइनरी प्रॉजेक्ट में 44 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की थी।

तेल की लगातार घट रही कीमत और डिमांड के बीच इस बात की संभावना दिखाई दे रही है कि अरामको भारत के साथ इस डील पर भी पीछे ना हट जाए।