Sanjiv Mehta आधी दुनिया पर राज करने वाली East India Company के बदले दिन, कंपनी का मालिक बना भारतीय

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Sanjiv Mehta आधी दुनिया पर राज करने वाली East India Company के बदले दिन, कंपनी का मालिक बना भारतीय
(Image Courtesy: Google)

Sanjiv Mehta East India Company : भारत समेत दुनिया के एक बड़े हिस्से पर लंबे समय तक राज करने वाली ईस्ट इंडिया कंपनी सालों तक दुनिया भर में बदनाम रही. ईस्ट इंडिया कंपनी के पास कभी लाखों की फौज थी, खुद की खुफिया एजेंसी थी और तो और टैक्स वसूली का भी अधिकार था. लेकिन अब उस ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ की सूरत बदल चुकी है.

अब इस कंपनी के मालिक एक भारतीय उद्धमी हैं. कंपनी के नए मालिक का नाम संजीव मेहता (Sanjiv Mehta) है, जो भारतीय मूल के बड़े कारोबारी हैं.

1600 में हुई थी East India Company की स्थापना

गौरतलब है कि ईस्ट इंडिया कंपनी (East India Company) की स्थापना वर्ष 1600 में हुई थी. उस दौर में एलिजाबेथ प्रथम (Queen Elizabeth I) ब्रिटेन की महारानी थीं. जिन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी को एशिया में कारोबार करने की खुली छूट दी थी. शुरुआत में कंपनी भारत से यूरोप में मसाले, चाय और असाधारण उत्पाद मंगाती थी.

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East India Company ने अपना ज्यादातर कारोबार भारतीय उपमहाद्वीप और चीन में फैलाया. कंपनी तरह-तरह के खाद्य पदार्थ पूर्व के देशों से पश्चिम भेजने लगी थी. 1857 की क्रांति के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी बिखर गई थी, क्योंकि उस वक्त कंपनी के सैनिकों ने ब्रिटेन और अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर दी थी. लेकिन इसके बावजूद कंपनी का अस्तित्व बना रहा. आज भी East India Company दुनिया भर की यादों और इतिहास के पन्नों में दर्ज है.

भारत में दमन का प्रतीक थी कंपनी

भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी की पहचान उस दौर में एक दमन कारी कंपनी के तौर पर होती थी, जो हिंदुस्तानियों का सताया करती थी. साल 2003 में शेयर धारकों के एक समूह जिन्होने इस ईस्ट इंडिया कंपनी को खरीदा था, उन्होने एक बार फिर चाय और कॉफी बेचने का कारोबार शुरू किया.

भारतीय उद्यमी Sanjiv Mehta ने बदली पहचान

भारतीय उद्यमी संजीव मेहता (Sanjiv Mehta) ने 2005 में East India Company में अपना दखल हासिल किया और कंपनी को लक्जरी टी, कॉफी और खाद्ध पदार्थों के कारोबार में एक नया ब्रांड बनाकर कंपनी को नई पहचान दी. कंपनी के मालिक Sanjiv Mehta के मुताबिक जिस कंपनी ने कभी दुनिया पर राज किया आज उसका मालिक होना एक भारतीय के तौर पर उन्हे गर्व का अहसास कराता है.

2010 में लंदन में खोला पहला स्टोर

संजीव मेहता (Sanjiv Mehta) ने नई पहचान के साथ कंपनी का पहला स्टोर लंदन के धनवान लोगों का इलाका कहे जाने वाले मेफेयर (Mayfair ) में खोला था. नए मालिक संजीव मेहता का कहना है कि भले ही ये कंपनी कभी अपनी आक्रामकता के लिए जानी जाती थी लेकिन आज की ईस्ट इंडिया कंपनी की पहचान एक संवेदनशील कंपनी के रूप में है.

बेहद खास है 8 सितंबर की तारीख

आठ सितंबर को संजीव मेहता (Sanjiv Mehta) की इस कंपनी को आ र्म्स सेक्टर में काम शुरू किया. फिर कंपनी ने टकसाल में सिक्के ढालने का काम किया. ऐसे में कंपनी के शेयर खरीदने का मतलब मेहता के लिए बेहद भावपूर्ण था, क्योंकि इसी कंपनी ने कभी भारतीय उपमहाद्वीप में सालों तक राज किया था.