‘जिन्ना का अवतार है ओवैसी… छोड़ना नहीं इसे’, वायरल हुआ संबित पात्रा का वीडियो

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Sambit-Patra-Owsaisi
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने AIMIM चीफ असदुद्दीन औवेसी को मोहम्मद अली जिन्ना का अवतार बताया है. पात्रा के बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग जहां उनका समर्थन करते दिखे, वहीं एक बड़ा तबका विरोध में भी दिखा.

इस दौरान कई लोगों ने बीजेपी और संबित पात्रा को ट्विटर समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लैटफार्म पर ट्रोल किया.

वर्चुअल रैली में दिया बयान

दरअसल, मंगलवार 7 जुलाई को संबित पात्रा ने तेलांगना बीजेपी के मंच पर वर्चुअल रैली को संबोधित किया. वर्चुअल रैली में संबित पात्रा राम मंदिर, कश्मीर, कांग्रेस, नेहरू औऱ जिन्ना के इर्द गिर्द ही बोलते रहे. अपनी स्पीच का वीडियो संबित पात्रा ने सोशल मीडिया में भी साझा किया.

संबित पात्रा ने कहा- जिस प्रकार गांधीजी ने कहा था कि पूरे देश को जोड़ना है. गरीब की आंखों के आंसू पोछने है. हर तबके की खुशहाली के लिए काम करना है. उसी प्रकार देश के प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी भी काम कर रहे हैं. महात्मा गांधी गुजरात से थे. संबित ने कहा कि, ‘नरेंद्र मोदी भी महात्मा गांधी के पदचिन्हों पर चल रहे हैं. जिस प्रकार गांधी के गुजरात में नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ उसी प्रकार जिन्ना के राज्य मे औवेसी का जन्म हुआ.’

संबित पात्रा ने कहा कि, ‘औवेसी जिन्ना का अवतार है। इसे छोड़ना नहीं है् इसे लोकतांत्रिक तरीके से समाप्त करना है्’ इसके आगे संबित पात्रा ने औवेसी पर निशाना साधते हुए कहा कि, ‘ये लोग राम मंदिर के खिलाफ थे् इनके वकील की इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि उसने कोर्ट के अंदर ही राम मंदिर का नक्शा फाड़ दिया्’

लोगों ने किया ट्रोल

संबित पात्रा की इन बातों पर कई लोग अपना समर्थन देते दिखे. वहीं बहुत से यूजर्स ऐसे रहे जो संबित पात्रा को ट्रोल करने लगे. लोग लिखने लगे कि कभी तो जीडीपी और रोजगार जेसे मुद्दों पर भी बात कर लिया करो. वहीं कुछ दूसरे यूजर्स ने लिखा कि संबित पात्रा देश में हमेशा नफरत फैलाने की ही बात क्यों करते है.

लोगों ने संबित पात्रा को ट्रोल करते हुए लिखा कि अगर नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी का अनुसरण करते तो वह गोडसे की पूजा करने वालों के साथ ना खड़े होते। कुछ यूजर्स ने संबित पात्रा के बोलने की शैली पर भी चुटकी ली। ऐसे यूजर्स ने लिखा- चाहे कितनी भी कोशिश कर लो लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी नहीं बन पाओगे।