S-400 Air Defense System: पंजाब में तैनात हुआ S-400 एयर डिफेंस सिस्टम

नई दिल्ली। दुनिया का सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम भारत को आखिरकार मिल गया है। रूस ने S-400 एयर डिफेंस सिस्टम (S-400 Air Defense System) की पहली खेप भारत को सौंप दी है। भारत को मिला यह महाकवच पंजाब में तैनात किया जा चुका है। इस एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती के बाद पाकिस्तान और चीन भी हवाई हमला या युद्ध छेड़ने से पहले 100 बार सोचेंगे।

इस मिसाइल सिस्टम को चलाने के लिए भारतीय सेना के अधिकारियों को रूस ने कड़ी ट्रेनिंग भी दी है। ट्रेनिंग के दौरान भारतीय सैन्य अधिकारियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे रूसी सैन्य अधिकारी भी हैरान हैं।

क्यों महाकवच कहलाता है S-400 Air Defense System

एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को यूं ही महाकवच नहीं कहा जा रहा। दरअसल, इसके सामने बड़े से बड़ा दुश्मन भी डर जाता है। यह आसमान से घात लगाकर आने वाले हमलावर को भी पलभर में राख में बदल देता है। इसके सामने दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला खतरनाक फाइटर जेट F-35 भी भागने पर मजबूर हो जाता है।

एस-400 मिसाइल सिस्टम (S-400 Air Defense System) दुनिया की सबसे आधुनिक और सक्षम मिसाइल प्रणाली है। भारत को एस-400 सिस्टम मिलने से भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा हुआ है।

ये भी पढ़ें: देश के प्रमुख उद्यमियों के साथ PM मोदी की बैठक, सभी सेक्टर में अव्वल होने के लिए कहा

5 अरब डॉलर में हुई थी डील

भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ ऐसे 5 सिस्टम खरीदने का करार किया था। इनकी लागत 5 अरब डॉलर यानी लगभग 33,000 करोड़ रुपये है। S-400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम ना केवल मिसाइल और विमानों को मार गिरा सकता है, बल्कि इसके सामने बैलिस्टिक परमाणु मिसाइलें भी किसी काम की नहीं। यह सिस्टम इतना तेज तर्रार है कि परमाणु मिसाइलों को जमीन तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर सकता है।

इसके साथ ही S-400 एयर डिफेंस सिस्टम (S-400 Air Defense System) की मदद से भारत चीन-पाकिस्तान की सीमा के अंदर भी उस पर नजर रख सकेगा। जंग के दौरान भारत S-400 सिस्टम से दुश्मन के लड़ाकू विमानों को उड़ने से पहले निशाना बना लेगा। रूस ने साल 2020-2024 तक भारत को एक-एक कर ये मिसाइल सिस्टम देने की बात कही थी।

S 400 1
S-400 को सबसे एडवांस्ड इसलिए भी कहा जाता है, क्योंकि यह एक बार में एक साथ 72 मिसाइल छोड़ सकती है

एक साथ 72 मिसाइलें नष्ट करने की क्षमता

S-400 को सबसे एडवांस्ड इसलिए भी कहा जाता है, क्योंकि यह एक बार में एक साथ 72 मिसाइल छोड़ सकती है। यानि एक बार में 72 फाइटर जेट्स हों या फिर मिसाइलें, पलक झपकते ही यह डिफेंस सिस्टम सटीकता से इन्हें राख में बदल देता है। इस एयर डिफेंस सिस्टम (S-400 Air Defense System) को कहीं मूव करना भी बहुत आसान है क्योंकि इसे 8X8 के ट्रक पर माउंट किया जा सकता है।

S-400 को नाटो द्वारा SA-21 Growler लॉन्ग रेंज डिफेंस मिसाइल सिस्टम भी कहा जाता है। माइनस 50 डिग्री से लेकर माइनस 70 डिग्री तक तापमान में काम करने में सक्षम इस मिसाइल को नष्ट कर पाना दुश्मन के लिए बहुत मुश्किल है। क्योंकि इसकी कोई फिक्स पोजिशन नहीं होती। इसलिए इसे आसानी से डिटेक्ट नहीं कर सकते।

ये मिसाइलें बनाती है खास

एस-400 मिसाइल सिस्टम (S-400 Air Defense System) में चार तरह की मिसाइलें होती हैं, जिनकी रेंज 40, 100, 200, और 400 किलोमीटर तक होती है। यह सिस्टम 100 से लेकर 40 हजार फीट तक उड़ने वाले हर टारगेट को पहचान कर नेस्तनाबूद करने में सक्षम है। एस-400 मिसाइल सिस्टम का रडार बहुत अत्याधुनिक और ताकतवर है।

S-400 में सुपरसोनिक और हाइपर सोनिक मिसाइलें होती हैं, जो टारगेट को भेदने में माहिर हैं। इस डिफेंस सिस्टम (S-400 Air Defense System) का रडार इतना ताकतवर है कि 600 किलोमीटर तक की रेंज में करीब 300 टारगेट एक बार में ट्रैक कर सकता है।