भारत के जिगरी दोस्त रूस ने दिया ड्रैगन को बड़ा झटका, एस-400 मिसाइलों की डिलीवरी पर लगाई रोक

0
333
S400 Modi Putin Xi
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली। चीन के उम्‍मीद पर पानी फेरते हुए भारत के जिगरी दोस्त रूस ने चीन को दी जाने वाली एस-400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की आपूर्ति पर तुरंत प्रभा से रोक लगा दिया है। यह चीन के लिए बड़ा झटका है। दूसरी तरफ रूस ने भारत को S-400 सिस्टम समय पर देने का वादा दोहराया है।

खास बात यह है कि इस मिसाइल को रोकने से पहले रूस ने चीन पर जासूसी करने का आरोप लगाया था। रूसी अधिकारियों ने अपने सेंट पीटर्सबर्ग आर्कटिक सोशल साइंसेज अकादमी के अध्यक्ष वालेरी मिट्को को चीन को गोपनीय सामग्री सौंपने का दोषी पाया है। इस घटना को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है।

रूस के कदम पर चीन ने दी सफाई

उधर, रूस की घोषणा के बाद चीन ने सफाई देते हुए कहा है कि रूस को इस तरह का निर्णय लेने के लिए मजबूर है, क्योंकि यह चिंतित है कि इस समय एस -400 मिसाइलों का वितरण पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की महामारी विरोधी गतिविधियों को प्रभावित करेगा। चीन ने आगे कहा कि रूस नहीं चाहता कि इससे बीजिंग को कोई परेशानी हो।

चीन का कहना है कि कई कारणों से रूस को मिसाइल देने के निर्णय को स्‍थगित करना पड़ा है। बीजिंग का कहना है कि इस प्रकार के हथियारों की डील एक जलिट प्रक्रिया है। इसके अलावा हथियारों को प्रयोग में लाने के लिए कर्मियों को प्रशिक्षण लेना पड़ता है। इसके लिए कर्मियों को रूस भेजना पड़ता, लेकिन कोरोना महामारी के दौर में यह काफी खतरनाक है।

आक्रमकता के कारण कूटनीतिक मोर्चे पर कई देशों से एक साथ संघर्ष

रूस ने यह आपूर्ति तब रोकी है, जब चीन अपनी आक्रमकता के कारण कूटनीतिक मोर्चे पर कई देशों से एक साथ संघर्ष कर रहा है। पूर्वी लद्दाख में चीनी सेनाओं के संघर्ष के बाद भारत के साथ उसके तनावपूर्ण रिश्‍ते हैं। हांगकांग और दक्षिण चीन सागर को लेकर वह अमेरिका व यूरोपीय देशों के साथ जापान, ऑस्‍टेलिया, वियतनाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया से उसके रिश्‍ते तल्‍ख हो गए हैं। ऐसे में रूस का एस-400 मिसाइलों पर रोक लगाना चीन के लिए चिंता का विषय हो सकता है। रूस के इस कदम के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।

क्या है एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम

  • एस-400 मिसाइल सिस्टम, एस-300 का अपडेटेड वर्जन है। यह 400 किलोमीटर के दायरे में आने वाली मिसाइलों और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को भी खत्म कर देगा।
  • एस-400 डिफेंस सिस्टम एक तरह से मिसाइल शील्ड का काम करेगा, जो पाकिस्तान और चीन की एटमी क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से भारत को सुरक्षा देगा।
  • यह सिस्टम एक साथ एक बार में 72 मिसाइल दाग सकता है। यह सिस्टम अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को भी गिरा सकता है।
  • यह मिसाइल 36 परमाणु क्षमता वाली मिसाइलों को एकसाथ नष्ट कर सकता है। चीन के बाद इस डिफेंस सिस्टम को खरीदने वाला भारत दूसरा देश है।
  • चीन ने भारत से पहले इस मिसाइल सिस्टम को खरीदने का फैसला किया था। पहला बेच उसे 2018 में मिल भी चुका है। भारत को इस साल के आखिर तक यह सिस्टम मिल जाएगा।