LAC Conflict: भारत चीन सीमा पर तनाव चरम पर, राजनाथ ने बुलाई तीनों सेनाओं की आपात बैठक

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LAC Conflict: भारत चीन सीमा पर तनाव चरम पर, राजनाथ ने बुलाई तीनों सेनाओं की आपात बैठक
(Image Courtesy: Google)

LAC Conflict. लद्दाख के पेंगोंग झील इलाके में चीनी तैनाती के बीच भारत ने भी तैयारी तेज कर दी है. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर बोफोर्स तो प तैनात की जा रही हैं. इस बीच बड़ी खबर है कि भारत चीन सीमा पर जारी तनाव (LAC Conflict) के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने तीनों सेनाओं की आपात बैठक बुलाई है.

दूसरी तरफ तनातनी के बीच मास्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात हुई है. इस मामले में भारत ने दो टूक कहा कि एलएसी पर हमारी सेना ने उल्लंघन नहीं किया. साथ ही चीनी फौज की तैनाती बढ़ाने पर भी सवाल उठाए गए हैं.

एलएसी पर हालात गंभीर

LAC पर हालात तनावपूर्ण (LAC Conflict) बने हुए हैं और दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं. इस तनाव को देखते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के चीफ की बैठक बुलाई है. इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएस) अजित डोभाल भी मौजूद हैं.

40 हजार जवान सीमा पर तैनात

एलएसी पर इन दिनों करीब 40 हजार भारतीय जवान तैनात किए गए हैं. वायुसेना भी मुस्तैद है और अब होवित्जर तो प भी सीमा पर भेजी जा रही हैं. चीन ने छोटी से छोटी गलती भी की तो उसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा.

भारतीय जवानों की अब फिंगर 4 तक पहुंच हो गई है. सामरिक रूप से बेहद अहम ऊंचाई वाले इलाकों पर जवानों का दबदबा हो चुका है. तनाव (LAC Conflict) के बीच LAC पर हालात बदल गए हैं. हिन्दुस्तान के जवानों ने पूर्वी लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत की है. माउंटेन वारफेयर के उस्ताद माने जाने वाले जवान चीन को सबक सीखाने के लिए तैयार हैं.

LAC Conflict: भारत की पकड़ मजबूत

पेंगोंग लेक के उत्तरी और दक्षिणी इलाकों में चीन की बेचैनी बढ़ी है. चीन भले ही अपने जवान, गाड़ियां और हथियार तैनात कर चुका है, लेकिन इन इलाकों में ऊंचाइयों पर भारत की पकड़ मजबूत होने से उसके पसीने छूट रहे हैं. भारतीय जवान ऊंचाइयों पर मौजूद हैं और वो चीनी सेना की हरकत पर हर वक्त नजर रख रहे हैं.

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इस बीच चीन को रास्ते पर लाने के लिए अब हिन्दुस्तान इंटीग्रेटेड रेस्पॉस की रणनीति अपना रहा है. मतलब चीन जिस भाषा में समझे, उसी भाषा में उसे समझाने की पहल होगी. इन्हीं कोशिशों के तहत विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार की रात चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की. मॉस्को में करीब 2 घंटे तक दोनों की बातचीत चली.

जयशंकर और वांग यी की मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब हाल के दिनों में चीन की हिमाकत कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है. 29-30 अगस्त के बाद से वो लगातार घुसपैठ की कोशिशें करता रहा है और हर बार हिन्दुस्तान ने उसे आगाह किया है.