Amar Singh अभी-अभी: राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन, 6 महीने से सिंगापुर में चल रहा था इलाज

नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और दिग्गज नेता अमर सिंह (Amar Singh) का 64 साल की उम्र में शनिवार को सिंगापुर में निधन हो गया। वह पिछले 6 महीने से बीमार थे और सिंगापुर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बताया जा रहा है कि करीब 6 महीने पहले उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था, जिसके बाद से वह बीमारी से उबर ही नहीं पाए।

अमर सिंह के परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं, जिन्हें वह अपने पीछे छोड़ गए हैं।

ऐसा था जीवन

समाजवादी पार्टी से सालों तक नाता रखने वाले अमर सिंह का जन्म अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हरीश चंद्र सिंह और शैल कुमारी सिंह के घर एक राजपूत परिवार में हुआ था। अमर सिंह ने सेंट जेवियर्स कॉलेज और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ, कोलकाता से बी.ए., एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है। वर्ष 1987 में अमर सिंह का विवाह पंकजा कुमारी सिंह से हुआ, उनकी दो बेटियां हैं।

उद्योगपति से राजनेता बने अमर सिंह उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेताओं में से एक थे। वे समाजवादी पार्टी के महासचिव और राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। 6 जनवरी 2010 को उन्होंने समाजवादी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। 2 फरवरी 2010 को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने 2011 में न्यायिक हिरासत में कुछ समय बिताया। वे आखिरकार राजनीति से सेवानिवृत्त हो गए। अमर सिंह 2016 में एक बार फिर समाजवादी पार्टी से जुड़ गए और राज्यसभा के लिए चुने गए।

जब बनाई थी खुद की पार्टी

अमर सिंह ने 2011 में अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय लोक मंच की शुरुआत की और 2012 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में से 360 पर अपने उम्मीदवार खड़े किए। हालाँकि, उनकी पार्टी ने इन चुनावों में एक भी सीट नहीं जीती। वे मार्च 2014 में राष्ट्रीय लोकदल पार्टी में शामिल हुए, उस वर्ष फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश से आम चुनाव लड़े और हार गए।

सिंह ने 2011 में अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय लोक मंच की शुरुआत की और 2012 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में से 360 पर अपने उम्मीदवार खड़े किए। हालाँकि, उनकी पार्टी ने इन चुनावों में एक भी सीट नहीं जीती। वे मार्च 2014 में राष्ट्रीय लोकदल पार्टी में शामिल हुए, उस वर्ष फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश से आम चुनाव लड़े और हार गए।