राजस्थान: बागी कांग्रेस विधायकों की वापसी के सभी रास्ते बंद, पायलट खेमे को बड़ा झटका

जयपुर। राजस्थान (Rajasthan) में जारी सियासी घमासान के बीच सचिन पायलट के समर्थक सभी बागी विधायकों की कांग्रेस पार्टी में वापसी के सारे रास्ते बंद हो गए हैं। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि जो विधायक पार्टी के खिलाफ जा रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा।

कहा जा रहा है कि शांति धारीवाल की इस बयान का कांग्रेस के दूसरे विधायकों ने भी समर्थन किया है।

गहलोत ने की अहम बैठक

दरअसल, जैसलमेर के सूर्यागढ़ में रविवार को विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में सीएम अशोक गहलोत, पर्यवेक्षक रणदीप सुरजेवाला व प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, इन वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बागी विधायकों को पार्टी में वापसी नहीं करने की बात कही गई है।

बैठक में सीएम अशोक गहलोत ने भी बागी विधायकों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि अब बागी विधायक भाजपा की बाड़ेबंदी में चले गए हैं। ऐसी स्थिति उन्हें किसी भी हाल में पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस जीत गई है, जबकि भाजपा ने अपनी हार मान ली है। यही वजह है कि उसे अपने विधायकों को बड़ाबंदी करने के लिए गुजरात भेजना पड़ा।

भाजपा की साजिश रचने वाली चाल सफल नहीं हुई

मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की माने तो राजस्थान में सरकार पांच साल चलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की साजिश रचने वाली चाल सफल नहीं हुई। वहीं, बागी विधायकों की पार्टी में वापसी के सवाल पर डोटासरा ने कहा कि उनको वापस आकर कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

मोबाइल भी स्विच ऑफ

इससे पहले रविवार को खबर सामने आई थी कि गुजरात पहुंचे बीजेपी के सभी विधायक न सिर्फ एक साथ मौजूद हैं बल्कि सभी ने अपनी लोकेशन गोपनीय रखने के लिए मोबाइल भी स्विच ऑफ कर दिया है। लेकिन इन विधायकों के शामलाजी दर्शन करने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

बताया जा रहा है कि गुरुवार को भाजपा आलाकमान ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए गुजरात भेजने का निर्णय लिया था। उसके बाद शुक्रवार को सबसे पहले उदयपुर और सिरोही के विधायक गुजरात के लिए रवाना हुए। उदयपुर जिले के छह भाजपा विधायकों में गुलाब चंद कटारिया को छोड़कर पांच अन्य विधायक और सिरोही जिले के विधायक गुजरात पहुंचे हैं।