निजी स्कूलों के खिलाफ ‘नो स्कूल, नो फीस नो ऑनलाइन क्लास’ की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे अभिभावक

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(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली. राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत राज्य के 6 से ज्यादा जिलों में अभिभावक सड़कों पर उतर आए हैं. दरअसल, निजी स्कूलों के खिलाफ ‘नो स्कूल, नो ऑनलाइन क्लास और नो फीस’ की मुहिम शुरू की गई है. इसे लेकर बड़ी संख्या में अभिभावक खुलकर सड़कों पर उतर चुके हैं.

कोरोना संकट को देखते हुए प्रदर्शन में भी अभिभावकों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया. प्रदेश के 50 से अधिक निजी स्कूलों में इन अभिभावकों ने प्रदर्शन किया.

यहां हुए प्रदर्शन

राजधानी जयपुर में मानसरोवर के थड़ी मार्किट, रिद्धि-सिद्धि चौराहा त्रिवेणी नगर, सेंट जेवियर्स स्कूल सी-स्किम, एमपीएस स्कूल, एमजीडी स्कूल अजमेरी गेट, जीआर ग्लोबल (बालाजी केम्पस) बैनाड़ रोड़, जगतपुरा रेलवे फाटक, कमल एंड कंपनी टोंक रोड़, मामा का होटल जवाहर नगर, फुलेरा, चौमूं, चाकसू सहित जोधपुर, बीकानेर, राजसमंद, चितौड़गढ़, भीलवाड़ा आदि जिलों में भी अभिभावकों ने विरोध—प्रदर्शन भाग लिया.

कार्यक्रम संयोजक अभिषेक जैन बिट्टू और अरविंद अग्रवाल ने बताया कि भारतवर्षीय अभिभावक संघ ने सोमवार को सुबह 9 बजे से 10 बजे तक स्कूलों की मनमर्जी और कोरोना काल की स्कूल फीस माफ करने को लेकर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया था, जिसमें राजधानी जयपुर सहित 6 जिलों के पीड़ित अभिभावक शामिल हुए ओर मौन विरोध—प्रदर्शन किया.

प्रदर्शन के दौरान अभिभावक अभिभावकों ने ‘नो स्कूल नो फीस नो ऑनलाइन क्लास’, ‘जब तक है कोरोना महामारी, तब तक मजबूरी समझे हमारी’, ‘जब तक स्कूल नहीं, तब तक फीस नहीं’, कोरोना महामारी की है मार, अभिभावकों का अब तो ध्यान रखें स्कूल और सरकार’ जैसे स्लोगनों को हाथों में लहराकर विरोध प्रदर्शन किया.

ना सरकार सुन रही और ना स्कूल

सहसंयोजक संजय गोयल ने आरोप लगाया कि अभिभावक लगातार अपनी मजबूरी सरकार और निजी स्कूल प्रशासन को बता रही है। इसके बावजूद ना सरकार सुनने को तैयार है ना प्रशासन सुनने को तैयार है. इसके उलट स्कूल प्रशासन लगातार अभिभावकों को ध;म’कियां देकर ड;रा-धम’का रहे हैं कि स्कूल फीस जमा नही करवाई गई तो बच्चों को ऑनलाइन क्लास ज्वॉइन नहीं करने दिया जाएगा.

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इस बीच अभिभावकों और विभिन्न संगठनों ने दो महीने के दौरान मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री सहित प्रदेशभर के विभिन्न विधायको और सांसदों को ज्ञापन देकर अपनी पीड़ा बताई, लेकिन हर जगह केवल आश्वासन ही मिला, न्याय अभी तक नहीं मिला1

संयोजक अभिषेक जैन बिट्टू व संघ सदस्य मनीष विजयवर्गीय ने कहा कि अखिल भारतीय अभिभावक संघ राज्य सरकार से अपील करती है कि वह अभिभावकों के सम्मान की रक्षा के लिए आगे आए अन्यथा अभिभावकों को जनांदोलन और आमरण अनशन का सहारा लेना पड़ेगा.