राहुल गांधी की ‘सीक्रेट मीटिंग’ के बाद हुई PM मोदी की सुरक्षा में चूक: स्पीकर से बुलाई भीड़

नई दिल्ली: एक तरफ कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) विदेश दौरे पर हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी की सरकार पंजाब (Punjab Govt) में आलोचना की शिकार हो रही है। बठिंडा के पियारेणा स्थिर फ्लाईओवर पर जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले को 20 मिनट तक रोका (PM Modi Security Breach) रखा गया और उन्हें फिरोजपुर रैली रद्द कर के वापस लौटना पड़ा, उस पर बार-बार मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह का बयान बदलना और डिप्टी सीएम का उनसे उलट बयान देना कॉन्ग्रेस के खिलाफ जनता के आक्रोश का नया कारण बना है।

बुधवार (5 जनवरी, 2021) की सुबह पंजाब में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने बयान दिया कि वायनाड से सांसद राहुल गाँधी ‘गुप्त बैठक’ के लिए विदेश गए हैं। 51 वर्षीय नेता के बारे में सिद्धू ने कहा कि लोगों को पता नहीं होता कि वो छुट्टियाँ मनाने विदेश गए हैं या फिर किसी गुप्त बैठकों में हिस्सा लेने। उन्होंने कहा था कि जब कोई और विदेश छुट्टियाँ मनाने जाता है तो कोई सवाल नहीं पूछे जाते। साथ ही जोड़ा कि राहुल गाँधी अपनी व्यक्तिगत राय रखने या कॉन्ग्रेस नेताओं के साथ गुप्त बैठक के लिए भी विदेश गए हुए हो सकते हैं।

भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सिद्धू के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा था कि क्या राहुल गाँधी चीन के हैंडलरों से मिलने के लिए विदेश गए हैं? उन्होंने राहुल गाँधी के विदेश दौरे के कारणों का खुलासा करने के लिए कॉन्ग्रेस से कहा। बता दें कि दीवाली 2021 के मौके पर जहाँ राहुल गाँधी लंदन में थे, अंग्रेजी नववर्ष 2022 के अवसर पर वो इटली निकल गए। 2014 में कॉन्ग्रेस की हार के बाद 2015 में राहुल गाँधी 55 दिनों के लिए विदेश गए थे, जो उस समय खासा मुद्दा बना था।

दूरदर्शन न्यूज़ के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने राहुल गाँधी के विदेश दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक को जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “सुबह सिद्धू का बयान आया था कि राहुल गाँधी सीक्रेट मीटिंग के लिए गए हैं। शाम तक पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक की खबर आ गई।” साथ ही उन्होंने ‘PM Security Breach’ का टैग भी लगाया। ये भी सामने आया है कि पीएम मोदी की यात्रा का रूट पहले ही लीक हो गया था और स्पीकर पर आवाज़ लगा कर भीड़ जुटाई गई थी।

कई किसान संगठन इसमें शामिल थे। रैली में जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को जबरन रोका जा रहा था। एक अन्य वीडियो में भीड़ हटाने की बजाए पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ ही चाय की चुस्की ले रही है। ट्रॉली लगा कर फ्लाईओवर को जाम किया गया। प्रधानमंत्री की कार से 8-10 किलोमीटर दूर बैठे प्रदर्शनकारी उनके कार तक भी पहुँच गए थे। हालात बिगड़ने की आशंका के चलते प्रधानमंत्री के सुरक्षा अधिकारियों ने वापस लौटने का फैसला लिया। भाजपा नेताओं का कहना है कि 10 मिनट पहले तक वहाँ कोई जाम नहीं था, लेकिन पीएम के पहुँचते ही जानबूझ कर सड़क ब्लॉक करवाई गई।