नोटिस मिलते ही चढ़ा प्रियंका गांधी का पारा, बोली-जो करना हो करें, मैं इंदिरा गांधी की पोती हूं.. डरूंगी नहीं

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    नई दिल्ली. यूपी के कानपुर शेल्टर होम में कई बच्चियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद राजनीति बढ़ती जा रही है. कल ही उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को नोटिस भेजा था. अब शुक्रवार सुबह प्रियंका गांधी ने इसपर जवाब दिया है.

    नोटिस के बाद प्रियंका का पारा चढ़ गया और उन्होंने ट्विटर पर अपना गुस्सा जाहिर किया. प्रियंका ने कहा कि वह इंदिरा गांधी की पोती हैं, कोई अघोषित भाजपा प्रवक्ता नहीं हैं.

    क्या बोली प्रियंका

    प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने ट्विटर पर लिखा, ‘जनता के एक सेवक के रूप में मेरा कर्तव्य यूपी की जनता के प्रति है और वह कर्तव्य सच्चाई को उनके सामने रखने का है. किसी सरकारी प्रॉपेगेंडा को आगे रखना नहीं है. यूपी सरकार अपने अन्य विभागों द्वारा मुझे फिजूल की धमकियां देकर अपना समय व्यर्थ कर रही है’.

    प्रियंका गांधी ने आगे लिखा कि जो भी कार्यवाही करना चाहते हैं, बेशक करें. मैं सच्चाई सामने रखती रहूंगी. मैं इंदिरा गांधी की पोती हूं, कुछ विपक्ष के नेताओं की तरह भाजपा की अघोषित प्रवक्ता नहीं.

    क्या है मामला

    दरअसल, कानपुर के एक शेल्टर होम में बीते दिनों उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब यहां 57 लड़कियां कोरोना वायरस पॉजिटिव पाई गई थीं. इसके अलावा इनमें से करीब 6 लड़कियां गर्भवती भी थीं. इसी के बाद से प्रियंका गांधी इस मामले को उठा रही थीं.

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    बीते दिनों प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने फेसबुक पोस्ट में कानपुर शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने और खासकर एचआईवी और हेपेटाइटिस सी के संक्रमित होने की बात कही थी. इसी को लेकर प्रदेश के प्रदेश बाल संरक्षण आयोग यह नोटिस जारी किया गया था. नोटिस में कहा गया था कि इस पोस्ट को तीन दिन के अंदर हटाएं, अन्यथा कानूनी एक्शन लिया जाएगा.