PM मोदी ने रचा इतिहास, बने देश के पहले प्रधानमंत्री जिन्होंने किए रामलला के दर्शन

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PM Modi Narendra Modi
(Image Courtesy: ANI)

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखी। इसी के साथ देशभावासियों का 492 साल लंबा इंतजार खत्म हुआ। पीएम मोदी ने अयोध्या पहुंचकर तीन रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं।

नरेंद्र मोदी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्हें रामलला के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पीएम मोदी से पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी अयोध्या आ चुके हैं, लेकिन उन्हें यह सौभाग्य नहीं मिला।

तीन प्रधानमंत्री नहीं कर पाए रामलला के दर्शन

इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री रहते हुए अयोध्या दौरे पर आए थे। वह भगवान राम के दर्शन सिर्फ इसलिए नहीं कर पाए, क्योंकि उस वक्त मामला कोर्ट में लंबित था। पीए मोदी भी दो बार अयोध्या आ चुके हैं, लेकिन उन्हें रामलला का दर्शन का मौका अब जाकर मिला।

पहली बार नरेंद्र मोदी 1992 में अयोध्या आए थे। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री रहते हुए अयोध्या जिले में चुनावी जनसभा को संबोधित करने आए थे, लेकिन रामलला का दर्शन नहीं किया था।

इंदिरा गांधी

देश की आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री बनने पर इंदिरा गांधी ने 1966 में अयोध्या आई थी। इस दौरान अयोध्या में नया घाट पर बने सरयू पुल का इंदिरा ने लोकार्पण किया, लेकिन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वापस लौट आईं थीं।

दूसरी बार 1979 में इंदिरा गांधी का अयोध्या आई थी। तब उन्होंने हनुमानगढ़ी जाकर बजरंगबली का दर्शन, पूजा अर्चना की थी। तीसरी बार इंदिरा गांधी 1975 में अयोध्या में आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने गईं थीं। उन्होंने विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और वापस दिल्ली लौट आई थी। इन तीनों दौरे में इंदिरा गांधी ने रामलला के जन्मभूमि से दूरी बनाए रखा था।

राजीव गांधी

प्रधानमंत्री रहते हुए राजीव गांधी भी दो बार और पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में एक बार अयोध्या आ चुके हैं। राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते 1986 में बाबरी मस्जिद का ताला खुला और 1989 में राम मंदिर का शिलान्यास किया गया।1984 में राजीव गांधी ने अयोध्या में चुनावी जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद 1989 के लोकसभा चुनाव में राजीव गांधी ने अयोध्या से अपने चुनावी अभियान का आगाज किया था।

कहते हैं कि अयोध्या से चुनाव प्रचार शुरू करने और रामराज्य की घोषणा के पीछे राजीव गांधी की मंशा परोक्ष्य रूप से राजनीतिक लाभ लेने की थी। इसके बाद विपक्ष में रहते हुए राजीव गांधी 1990 में सद्भावना यात्रा के दौरान अयोध्या आए, लेकिन रामलला का दर्शन-पूजन नहीं किया था। हालांकि साल 2016 में राहुल गांधी और 2019 प्रियंका वाड्रा ने यहां आने पर हनुमानगढ़ी जाकर बजरंगबली का दर्शन पूजन किया था।

अटल बिहारी वाजपेयी

राम मंदिर आंदोलन ने बीजेपी को फर्श से अर्श पर पहुंचा दिया था। बीजेपी के पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अयोध्या तो कई बार आए, लेकिन प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए दो बार आए। साल 2003 में मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे रामचंद्रदास परमहंस के निधन पर वह अयोध्या आए थे। सरयू के तट पर उस उन्होंने परमहंस को श्रद्धांजलि देते हुए कहा था कि राममंदिर का सपना अवश्य पूरा होगा।

इससे पहले भी अटल 2003 में सरयू तट पर आए थे। इस दौरान अयोध्या से गोरखपुर और पूर्वांचल को जोड़ने के लिए सरयू पर बने रेलवे पुल और रेल लाइन का उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सरयू पर दूसरे पुल और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से अयोध्या को जोड़ने का काम भी अटल विहारी वाजपेयी ने किया।

2004 में उन्होंने फैजाबाद हवाई अड्डे पर बतौर प्रधानमंत्री एक बार चुनावी सभा को भी संबोधित किया. इन सभी दौरे के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने रामजन्मभूमि स्थल से दूर बनाए रखी थी। इस तरह से वे भी अपने जीते जी रामलला और बजरंगबली का दर्शन-पूजन अयोध्या में नहीं कर सके।