कोरोना पर टेंशन दे रहे कई राज्‍य, मुख्‍यमंत्रियों संग मीटिंग कर PM मोदी ने दिया मंत्र

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New Delhi: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को अहम बैठक की। वह सबसे पहले कोरोना से सबसे ज्‍यादा प्रभावित राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों (PM Modi Meeting with CMs) से रूबरू हुए और वहां के हालात जाने। पीएम ने उनकी बात सुनकर जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद वे अन्‍य राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से मुखातिब हुए।

कोरोना काल की इस रूटीन मीटिंग (PM Modi Meeting with CMs) में वैक्‍सीन आने तक महामारी की दूसरी संभावित लहर को रोकने पर चर्चा हुई। देश के करीब 10 राज्‍यों में संक्रमण और मौतों का आंकड़ा हाल के दिनों में तेजी से बढ़ा है। यहां पर कोविड-19 को काबू करने के लिए पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने मुख्‍यमंत्रियों को अलग से निर्देश दिए।

केजरीवाल ने प्रदूषण को ठहराया जिम्‍मेदार

पीएम मोदी (PM Narendra Modi) के साथ मुख्यमंत्रियों की बैठक में दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर के लिए प्रदूषण को जिम्मेदार बताया। उन्होंने पीएम मोदी से पराली जलाने के मामले में दखल देने की मांग की। केजरीवाल ने बैठक में कहा कि 10 नवंबर के बाद से दिल्ली में कोरोना के केस घटे हैं। साथ ही केजरीवाल ने कहा कि वह कोरोना के मामले में जरूरी कदम उठा रहे हैं।

प्रधानमंत्री की बैठक दो हिस्‍सों में हो रही है। सबसे पहले प्रधानमंत्री ने उन राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से बात की जहां केसेज और मौतें ज्यादा हैं। इनमें दिल्‍ली, हरियाणा, महाराष्‍ट्र, उत्‍तर प्रदेश, मणिपुर और छत्‍तीसगढ़ जैसे राज्‍य शामिल हैं।

मीटिंग का दूसरा हिस्‍सा बाकी राज्‍यों के लिए होगा जिसमें वैक्‍सीन डिस्‍ट्रीब्‍यूशन की रणनीति पर चर्चा होगी। इसमें सभी राज्‍य शामिल होंगे। शुक्रवार को भी पीएम मोदी ने वैक्‍सीन को लेकर एक रिव्‍यू मीटिंग की थी। मंगलवार की बैठक में यह पता चलेगा कि जमीन पर क्‍या तैयारियां चल रही हैं।

कुछ राज्‍यों में लगाना पड़ा है कर्फ्यू

प्रधानमंत्री मोदी कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए अब तक कई बार राज्यों साथ बैठकें कर चुके हैं। देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले पिछले कुछ दिनों से 50,000 के नीचे आ रहे हैं, वहीं कुछ राज्यों में मामले तेजी से बढ़े हैं। कुछ शहरों में तो रात का कर्फ्यू भी लगाया गया है।

केंद्र की ओर से लगातार यह प्रयास भी हो रहे हैं कि जब भी कोरोना का टीका उपलब्ध होगा, उसके सुचारू वितरण की व्यवस्था हो सके। भारत में फिलहाल पांच वैक्सीन तैयार होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इनमें से चार परीक्षण के दूसरे या तीसरे चरण में हैं जबकि एक पहले या दूसरे चरण में है।