15 साल से लापता बुजुर्ग को पाक ने अटारी बॉर्डर पर भारत को सौंपा, शरीर पर मिले यातना के निशान

चंडीगढ़। तकरीबन 15 साल पहले लापता हुए बिहार के बुजुर्ग रामचंद्र यादव को पाकिस्तानी रेजंरों ने बीएसएफ के हवाले कर दिया है। बुजुर्ग से तीन दिन तक अटारी बॉर्डर चौकी में ही पूछताछ की गई है। उनको लेने परिवार बिहार से अमृतसर आ रहा है। बुजुर्ग के शरीर पर भारी यातना देने के निशान हैं और वह दिमागी रूप से ठीक नहीं है।

बुजुर्ग से बीएसएफ और बाकी सुरक्षा एजेंसियों ने 3 दिन तक पूछताछ भी की है।

दिमागी हालत ठीक नहीं

गुरदासपुर जिले के कलानौर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात बीएसएफ की 89 बटालियन के साथ कुछ समय पहले फ्लैग मीटिंग में पाक रेंजरों ने भारतीय बुजुर्ग के पकड़े जाने की जानकारी साझा की थी। बीएसएफ ने पाक रेंजरों से मिली जानकारी पर पड़ताल कर पता लगाया कि बुजुर्ग रामचंद्र बिहार के नवादा जिले के गांव पवाजीपुर के रहने वाले हैं।

बीएसफएफ ने परिवार से संपर्क करने पर माना कि रामचंद्र पिछले 15 साल से लापता हैं। उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। जिस समय रामचंद्र लापता हुए थे, उनका छोटा बेटा महज दो महीने का था।

सुरक्षा एजेंसियों ने की पूछताछ

बीएसएफ सहित सुरक्षा एजेंसियों ने तीन दिन तक अटारी बॉर्डर चौकी में ही रामचंद्र से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि रामचंद्र की मानसिक हालत ठीक नहीं है। उनकी हालत देखकर लगता है कि वह लंबे समय से पाक रेंजरों के कब्जे में थे। उनके छह दांत निकाले गए हैं। हाथों और पैरों पर किसी चीज से जलाने के निशान भी हैं।

उन पर वहां काफी अत्याचार किए गए। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि रामचंद्र कब और कैसे पाकिस्तान पहुंचे। बीएसएफ को पाक रेंजरों के दावे पर शक है कि रामचंद्र को कुछ दिन पहले रावी दरिया के रास्ते पाकिस्तान में घुसपैठ करते पकड़ा गया था।

बीएसएफ के गुरदासपुर सेक्टर के डीआइजी राजेश शर्मा का कहना है कि पाक रेंजरों ने रामचंद्र यादव को अटारी बॉर्डर पर 89 बटालियन को सौंपा है। पूछताछ के बाद उन्हें पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस बिहार से आ रहे रामचंद्र यादव के परिवार को उन्हें सौंप देगी।