शिवसेना की मस्जिदों में Loudspeaker Ban की मांग, भड़के ओवैसी ने कांग्रेस-NCP पर दागे सवाल

हैदराबाद. ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए शिवसेना के बुधवार को केन्द्र सरकार से मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर रोक (Loudspeaker Ban in Mosque) लगाने की मांग की है. अब शिवसेना की इस मांग पर राजनीतिक घमासान मच गया है. AIMIM प्रमुख असद्दुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) शिवसेना पर आग बबूला हो गए हैं.

दरअसल, शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया है कि यह ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण से संबंधित मुद्दा है. इसमें आगे कहा गया है, ‘केन्द्र को ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के वास्ते मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर रोक (Loudspeaker Ban in Mosque) लगाने के लिये अध्यादेश लाना चाहिये.

शिवसेना-कांग्रेस पर भड़के ओवैसी

एमआईएमआईएम के प्रमुख अकबरुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र की महाअगड़ी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लताड़ लगाई है. उन्होंने लिखा कि पहले से ही एक कानून है जो लाउडस्पीकर (Loudspeaker Ban in Mosque) के सभी उपयोगों को नियंत्रित करता है. लेकिन तथ्यों की परवाह कौन करता है.

ओवैसी ने कहा, जब आप मुस्लिम विरोधी होकर राजनीतिक बढ़त हासिल कर सकते हैं? मुझे हर किसी को यह याद दिलाने में कोई खुशी नहीं है कि यह ‘कट्टरता’ नहीं है. क्योंकि INC-NCP द्वारा शिवसेना (Loudspeaker Ban in Mosque) को धर्मनिरपेक्ष प्रमाणित किया गया था.

ये है पूरा मामला

दरअसल शिवसेना के मुंबई-दक्षिण विभाग के प्रमुख पी सकपाल ने मुसलमान बच्चों के बीच अजान पढ़ने की प्रतियोगिता कराने का सुझाव दिया था, जिसपर विवाद खड़ा हो गया था. इस विवाद के बीच संपादकीय में यह टिप्पणी की गई है.

संपादकीय में कहा गया है कि शिवसेना नेता द्वारा अजान की प्रशंसा किये जाने की भाजपा द्वारा आलोचना किया जाना ठीक वैसा ही है, जैसा दिल्ली की सीमाओं पर (नये कृषि कानूनों के खिलाफ) प्रदर्शन कर रहे किसानों को ‘पाकिस्तानी आ तं क वादी’ कहना.

ये भी पढ़ें: शिवसेना ने उठाई मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर पाबंदी लगाने की मांग

लेख में कहा गया है प्रदर्शनकारी किसानों में अधिकतर लोग वे हैं जो पूर्व सैनिक रह चुके हैं या जिनके बच्चे देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं. ‘सामना’ के मराठी संस्करण में कहा गया है, ‘किसानों को आ तं क वादी कहने वालों से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं.

ट्रोल करने वालों को लगता है कि शिवसेना(Loudspeaker Ban in Mosque) ने हिंदुत्व छोड़ दिया है, लेकिन ईद के पकवान खाते हुए उनकी (भाजपा नेताओं) तस्वीरों पर कोई कुछ नहीं बोलता.’