पत्थरबाजों पर मोदी सरकार का शिकंजा, न मिलेगी सरकारी नौकरी और न ही बनेगा पासपोर्ट

Newzbulletin Desk: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के दो साल पूरे होने वाले हैं। राज्य का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद से यहां पर शांति है। कई बार उपद्रवियों ने हिं’सा भड़काने का प्रयास किया लेकिन सख्त सुरक्षा के चलते उनके प्रयास असफल रहे। अब जम्मू-कश्मीर में ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया जा रहा है। ऐसे लोगों को न सरकारी नौकरी मिलेगी न ही पासपोर्ट

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में पत्थरबाजों को देशद्रोही घोषित किया जाएगा। ऐसे लोगों को जम्मू-कश्मीर सरकार (Jammu Kashmir Govt) किसी भी सरकारी नौकरी में मौका नहीं देगी। इसके अलावा ऐसे लोग अगर पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें पासपोर्ट भी नहीं दिया जाएगा।

विदेश जाने का भी नहीं मिलेगा मौका

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पत्थरबाजों (Stone Pelting) और राज्य और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों शामिल रहने वाले लोगों का पासपोर्ट भी न बनाया जाए। इससे उनका विदेश जाने का मौका भी छिन जाएगा।

आदेश में कहा गया यह

सूत्रों की मानें तो CID की विशेष शाखा कश्मीर की तरफ से सभी संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार विभागों को इस संबंध में आदेश भेज दिए गए हैं।

आदेश में कहा गया है कि जब किसी व्यक्ति की जांच की जाए तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि वह किसी तरह की पत्थरबाजी, देश और राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा करने वाले या कानून भंग करने वाली किसी गतिविधि में शामिल न रहा हो।