New Parliament House : PM मोदी ने रखी नई संसद की आधारशिला, 971 करोड़ की लागत… जानिए क्या है खास

नई दिल्ली. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में संसद भवन (New Parliament House)का महत्व अपने आप में बहुत खास है. अंग्रेजों द्वारा बनाया गया संसद भवन (New Parliament House)जल्द ही इतिहास का हिस्सा बन जाएगा. पीएम नरेंद्र मोदी आज नए संसद भवन (New Parliament House)की नींव रखने जा रहे हैं, जो पूरी तरह भारतीय होगा. आजादी की 75वीं वर्षगांठ से पहले संसद भवन (New Parliament House)नए रूप देखने को मिलेगा.

नया संसद भवन (New Parliament House) मौजूदा इमारत से ज्यादा बड़ा, आधुनिक सुविधाओं से लैस और आकर्षक होगा. नई बिल्डिंग त्रिकोणीय आकार वाली होगी. बता दें कि अगस्त 2019 में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की ओर से नए संसद भवन (New Parliament House)का प्रस्ताव रखा गया.

क्या था प्रस्ताव

नई संसद के लिए पिछले साल लाए गए प्रस्ताव के मुताबिक, नया भवन 64500 स्क्वायर मीटर में बनाया जाएगा, जो चार मंजिला होगा और इसका खर्च 971 करोड़ रुपये आएगा. इस संसद भवन को 2022 तक तैयार किया जाएगा. इसके साथ ही यहां सभी सांसदों के लिए दफ्तर बनाया जाएगा, जिसे 2024 तक तैयार किया जाएगा.

संसद भवन (New Parliament House)की नई बिल्डिंग का डिजाइन HCP डिजाइन मैनेजमेंट ने किया है, जो अहमदाबाद से है. इसका निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किया जाएगा. नई बिल्डिंग में ऑडियो विजुअल सिस्टम, डाटा नेटवर्क फैसिलिटी का ध्यान रखा जा रहा है. नई बिल्डिंग में कुल 1224 सांसदों के बैठने की सुविधा होगी. इनमें 888 लोकसभा चैंबर में बैठ सकेंगे, जबकि राज्यसभा चैंबर में 384 सांसदों के बैठने की सुविधा होगी.

भविष्य को लेकर पहले से तैयारी

इसके साथ ही नई संसद में खास ध्यान रखा गया है कि भविष्य में अगर सांसदों की संख्या बढ़ती है, तो उसकी जरूरत पूरी हो सकेगी. संसद भवन (New Parliament House)में देश के हर कोने की तस्वीर दिखाने की कोशिश की जाएगी. नई बिल्डिंग में सेंट्रल हॉल नहीं होगा, लोकसभा चेंबर में ही दोनों सदनों के सांसद बैठ सकेंगे.

क्या होगा पुरानी बिल्डिंग का

संसद भवन (New Parliament House)की मौजूदा बिल्डिंग को एक म्यूजियम के तौर पर रखा जाएगा, उसमें काम भी चलता रहेगा. लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने जानकारी दी थी कि पुराने संसद भवन ने देश को बदलते देखा है, ऐसे में वो भविष्य में प्रेरणा देगा.

लोकसभा और राज्यसभा कक्षों के अलावा नए भवन में एक भव्य संविधान कक्ष होगा. जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत दर्शाने के लिए अन्य वस्तुओं के साथ-साथ संविधान की मूल प्रति, डिजिटल डिस्पले आदि होंगे.

अंग्रेजों ने बनाई थी मौजूदा संसद

मौजूदा संसद भवन (New Parliament House)को अंग्रेजों ने बनवाया था. 12 फरवरी 1921 को इसकी नींव रखी गई और 1927 में जाकर संसद तैयार हुई. सर एडवर्ड लुटियंस, सर हॉर्बर्ट बेकर की अगुवाई में संसद भवन की बिल्डिंग तैयार हुई थी, जिसे दुनिया के सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर देखा जाता है. तब इस भवन को बनाने में उस वक्त कुल 83 लाख रुपये का खर्च आया था.

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नया संसद भवन (New Parliament House)केंद्र सरकार की योजना सेंट्रल विस्टा के तहत बनाया जा रहा है. जिसमें संसद भवन के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन और आसपास के इलाकों का नवीनीकरण किया जाएगा.