आधार से वोटर कार्ड जोड़ने का ओवैसी ने किया विरोध, दिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

नई दिल्ली। चुनाव आयोग द्वारा जारी होने वाले वोटर आईडी कार्ड को आधार (New Election Laws Amendment Bill 2021) के मुताबिक, वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की तैयारी की जा रही है। कहा जा रहा है कि इससे दो वोटर आईडी कार्ड रखने जैसे फर्जीवाड़े को रोका जा सकेगा। से जोड़ने का केंद्र सरकार ने प्लान बनाया है। सरकार के इस प्लान पर सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आपत्ति दर्ज कराई है। ओवैसी ने इसे नागरिकों की सुरक्षा और निजता से जोड़ा है।

हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा में नोटिस देकर नए इलेक्शन लॉ (संशोधन) बिल 2021 (New Election Laws Amendment Bill 2021) का विरोध किया है। सरकार आज इस बिल को सदन में पेश कर सकती है।

New Election Laws (Amendment), Bill 2021 के मुताबिक, वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की तैयारी की जा रही है। कहा जा रहा है कि इससे दो वोटर आईडी कार्ड रखने जैसे फर्जीवाड़े को रोका जा सकेगा।

सुरक्षा और निजता को खतरा

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अपने पत्र में लिखा है कि आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड को जोड़ने से कई नुकसान हैं। इसके साथ ही नागरिकों की सुरक्षा और निजता को खतरा है। ओवैसी ने आगे दावा किया गया है कि इससे सरकारों को जनता को दबाने, मताधिकार से वंचित करने और भेदभाव करने के अधिकार मिल जाएंगे। उन्होंने यह भी दावा किया गया है कि इससे सीक्रेट बैलेट, फ्री और फेयर इलेक्शन में बाधा पैदा होगी।

ओवैसी ने इसके साथ ही नए बिल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बताया है। उन्होंने लिखा कि यह बिल सुप्रीम कोर्ट के फैसले (पुत्तस्वामी बनाम भारत संघ) का उल्लंघन करता है। ऐसा करना निजता के मौलिक अधिकार को जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने परिभाषित किया है, उसका उल्लंघन है।

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क्या है New Election Laws Amendment Bill 2021?

नए चुनाव सुधार बिल में फर्जी वोटिंग और वोटर लिस्ट में दोहराव को रोकने के लिए वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही वोटर लिस्ट में भी साल में 4 बार नाम दर्ज करवाने का प्रावधान होगा।

इस बिल में सर्विस वोटर्स के लिए चुनावी कानून को ‘जेंडर न्यूट्रल’ भी बनाया जाएगा। इससे महिला कर्मचारियों के पति भी सर्विस वोटर में शामिल हो जाएंगे। अभी तक ऐसा नहीं था। जैसे पुरुष फौजी की पत्नी सर्विस वोटर के तहत अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकती थी, लेकिन महिला फौजी का पति ऐसा नहीं कर सकता था।

कैबिनेट से बिल को मिल चुकी है मंजूरी

कैबिनेट की तरफ से नए चुनाव सुधार बिल को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इस बिल के कानून बनने के बाद चुनाव आयोग को किसी भी जगह को चुनाव के लिए इस्तेमाल करने का अधिकार भी मिल जाएगा। अभी अगर आयोग किसी चुनाव के लिए स्कूल वगैरह का इस्तेमाल करता था, तो कई आपत्तियां होती थीं।