जय श्री राम के नारे लगाने वाले मुस्लिम युवक को UP सरकार ने दी सुरक्षा, कट्टरपंथी दे रहे थे धमकी

नई दिल्ली: जय श्री राम के नारे लगाने वाले मुस्लिम युवक को उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा मुहैया कराई है। अहसान राव ने चार दिसंबर 2021 को सहारनपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली में ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए थे। इसके बाद से ही उन्हें कट्टरपंथी धमकी दे रहे हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि पिछले दिनों सहारनपुर में आयोजित रैली में अहसान राव ने कुछ नारेबाजी की थी, जिसके बाद उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही थीं।

इस संबंध में अहसान राव ने सहारनपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सुरक्षा की माँग की थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अहसान राव के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने उन्हें गनर (बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी) उपलब्ध कराया है।

बता दें कि इस रैली में नारे लगाने के बाद अहसान राव सुर्खियों में आ गए थे। उन्होंने बताया था कि इसके बाद से कुछ लोग उन्हें धमकियाँ दे रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी से मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था और एसएसपी सहारनपुर को प्रार्थना-पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने भी अहसान को सुरक्षा देने और उन्हें धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भारत सरकार से गुहार लगाई थी। अब जिला प्रशासन ने अहसान राव सुरक्षाकर्मी मुहैया करा दिया है।

अहसान राव का कहना है कि वह हमेशा राष्ट्र के प्रति समर्पित रहकर देशहित को सर्वोपरि मानते है और ऐसी धमकियों से हरगिज डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्होंने जय श्री राम का नारा लगाकर कोई गुनाह नहीं किया है और जिस देश में रहते हैं, उस देश का गुणगान करने में कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने कहा था, “देखिए भगवान राम हमारे पूर्वज हैं और हम सभी श्री राम के वंशज हैं। मुझे जय श्री राम बोलने में या भारत माता की जय बोलने में कोई दिक्कत नहीं है। जिस मुल्क में हम रह रहे हैं उसकी जय-जयकार करनी चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि अहसान राव का नारा लगाता वीडियो सामने आने के बाद देवबंद के उलेमा मुफ़्ती असद कासमी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी और इस्लाम से खारिज करने की धमकी दी थी।

उनका कहना था कि इस तरह के नारे लगाने से इस्लाम से जाया हो जाता है। इसी तरह और भी मुस्लिम कट्टरपंथियों की तरफ से अहसान राव को धमकियाँ मिलने लगी थी, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा देने का अनुरोध किया था।