लखनऊ में एंटी CAA आंदोलन का चेहरा रहीं उजमा परवीन ओवैसी की पार्टी में शामिल, लड़ेंगी चुनाव

लखनऊ: Syed Uzma Joins AIMIM: उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून (Anti CAA Protest) और राष्‍ट्रीय नागरिकता रजिस्‍टर (NRC) का विरोध करने वाली सैयद उजमा परवीन (Syed Uzma Parveen) असुदद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी AIMIM में शामिल हो गई हैं। वह विधानसभा का चुनाव भी लड़ेंगी।

AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असुदद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने उजमा परवीन (Syed Uzma Parveen) को कानपुर में पार्टी की ‌सदस्यता दिलाई। उजमा परवीन ने लखनऊ की 171 पश्चिम विधानसभा से दावेदारी ठोंकी है। लखनऊ चौक की रहने वाली सैयद उजमा परवीन सीएए और एनआरसी कानून के विरोध में अपनी आवाज उठा चुकी हैं। खास बात ये है कि उन्‍होंने अपने बच्चे को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। वह आज भी इसका विरोध कर रही हैं।

उजमा परवीन ने कोरोना संक्रमण में लोगों के घरों और मस्जिद को भी सेनेटाइज किया था। जिसकी वजह से वह काफी पॉपुलर हो गई थीं। वह अपने घर से पीठ पर पर टैंक लाद लेती थीं और और सैनेटाइज करनके के लिए निकल पड़ती थीं। हालांकि, सैयद उजमा परवीन कई बार घंटाघर पर झंडा फहराने के आरोप में नजरबंद भी की गईं थी।

AIMIM पार्टी का टिकट मिलने के बाद भी उनकी उनकी मांग है है कि सीएए और एनआरसी कानून वापस लिए जाएं, उसी मांग के साथ वह विधानसभा चुनाव में उतरेंगी। लखनऊ के थाना सहादतगंज क्षेत्र की रहने वाली सैयद उजमा ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ घंटाघर पर हुए प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई थी।

कई बार हुईं हैं हाउस अरेस्‍ट

वह इस साल स्‍वतंत्रता दिवस पर भी उजमा घंटाघर पर तिरंगा झंडा फहाराना चाहतीं थी, लेकिन पुलिस ने उन्‍हें इसकी इजाजत नहीं दी थी। इसके बाद भी उन्‍हें हाउस अरेस्‍ट किया गया था। वहीं सितंबर, 2020 में कोरोना महामारी के बीच वह थाली और ताली बजाकर सीएम हाउस पर विरोध करने जा रही थीं। तब भी पुलिस ने उन्‍हें हाउस अरेस्‍ट किया था। तब धारा 144 के उल्‍ल्‍लंघन में उन्‍हें नोटिस थमा दिया गया था।