Lockdown in UP: आज रात से यूपी में लग रहा लॉकडाउन, जानें क्या खुलेगा.. क्या रहेगा बंद

New Delhi: कोरोना वायरस (Coronavirus in UP) के बढ़ते संक्रमण के चलते यूपी की योगी सरकार ने प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown in UP) लगाने की घोषणा की है। जो कि आज यानी शुक्रवार की रात 10 बजे से लेकर 13 जुलाई यानी सोमवार की सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा।

इस दौरान (Lockdown in UP) सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार, हाट, गल्ला मंडी और कार्यालय बंद रहेंगे। हालांकि अति आवश्यक सेवाओं (अस्पताल, जरूरी सामान की दुकानें) पर कोई रोक नहीं रहेगी।

यूपी के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने गुरुवार देर शाम लॉकडाउन (Lockdown in UP) को लेकर आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और संचारी रोगों (एनसिफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू, कालाजार) के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। इस दौरान पूरे प्रदेश में सभी ऑफिस, शहरी और ग्रामीण हाट, बाजार, गल्ला मंडी और व्यवसायिक प्रतिष्ठान आदि बंद रहेंगे।

जानें क्या खुलेगा, क्या रहेगा बंद

आइये जानते हैं कि लॉकडाउन के दौरान क्या बंद रहेगा और किन चीजों की छूट रहेगी…

  • लॉकडाउन के दौरान सभी आवश्यक सेवाएं (अस्पताल, जरूरी सामान की दुकानें) खुलीं रहेंगी। इन सेवाओं में काम करने वाले लोगों, कोरोना वॉरियर्स, स्वच्छता कर्मी, डोर-स्टेप डिलिवरी से जुड़े व्यक्तियों के आने-जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
  • ट्रेनों का आवागमन पहले की तरह जारी रहेगा। ट्रेन से आने वाले यात्रियों के आवागमन के लिए यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से बसों की व्यवस्था कराई जाएगी।
  • जरूरी सेवा की बसों को छोड़कर यूपी रोडवेज की सेवाए प्रदेश में पूरी तरह बंद रहेंगी। हवाई सेवा के जरिए आने-जाने वाले लोगों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
  • मालवाहक वाहनों के आवागमन पर कोई बैन नहीं रहेगा। हाइवे किनारे के पेट्रोल पंप और ढाबे खुले रहेंगे।
  • स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना और संचारी रोग सर्विलांस टीम घर-घर जाकर लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग करेगी। इससे संबंधित ऑफिस खुले रहेंगे।
  • इस अवधि में ग्रामीण इलाकों में स्थित औद्योगिक कारखाने खुले रहेंगे। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। शहरी इलाकों में लगातार चालू रहने वाले औद्योगिक कारखानों को छोड़कर बाकी बंद रहेंगे।
  • आवश्यक सेवाओं से संबंधित कार्यालय और इन प्रतिबंध से मुक्त सेवाओं से संबंधित अधिकारी/कर्मचारी का पहचान पत्र ही पास माना जाएगा।
  • इस अवधि में निर्माण कार्य, बड़े पुल व सड़कें, सरकारी भवन और प्रोजेक्ट जारी रहेंगे।
मेडिकल स्क्रीनिंग और सर्विलांस का अभियान जारी

निर्देश के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड-19/संचारी रोग सर्विलांस टीम के माध्यम से प्रत्येक घर में रहने वाले सभी सदस्यों की व्यापक मेडिकल स्क्रीनिंग और सर्विलांस का अभियान यथावत चलता रहेगा। इन कार्यों में लगे हुए समस्त कोरोना वॉरियर, अधिकारी, कर्मचारियों को उनके पहचान पत्र के आधार पर आने-जाने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा।

निर्देश में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक कारखाने खुले रहेंगे इनमें सामाजिक दूरी और स्वास्थ्य संबंधी अन्य निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा, मगर शहरी क्षेत्रों में निरंतर चालू रहने वाले औद्योगिक कारखानों को छोड़ कर बाकी बंद रहेंगे। इस अवधि में आवश्यक सेवाओं से सम्बन्धित कार्यालय एवं इन प्रतिबन्ध मुक्त सेवाओं से सम्बन्धित अधिकारियों और कर्मचारियों का पहचान पत्र ही ड्यूटी पास माना जाएगा और उनकी आवाजाही को रोका नहीं जाएगा।

हवाई सेवाएं रहेंगी जारी

निर्देश में कहा गया है कि अन्तर्राष्ट्रीय एवं घरेलू हवाई सेवाएं यथावत जारी रहेंगी। हवाई अड्डों से अपने गंतव्य स्थल को जाने वाले यात्रियों के आवागमन पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा। माल वाहक वाहनों के आवागमन पर भी कोई पाबंदी नहीं रहेगी। इसके अलावा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर परिवहन जारी रहेगा और इनके किनारे स्थित पेट्रोल पम्प एवं ढाबे पूर्ववत खुले रहेंगे।

निर्देश के मुताबिक शुक्रवार से रविवार तक प्रदेश में साफ-सफाई और पीने के पानी के लिए बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इसमें शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर पाबंदियां नहीं रहेंगी और इनसे संबंधित दफ्तर भी खुले रहेंगे।

सरकारी दफ्तरों में पहले से छुट्टी

सरकार ने कार्यालयों की बंदी का वक्त योजनाबद्ध ढंग से चुना है। शनिवार को बैंक और ज्यादातर सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। रविवार भी छुट्टी का दिन है। वहीं, सोमवार को सुबह 5 बजे के बाद प्रतिबंध समाप्त हो जाएगा। ऐसे में सरकारी कार्यालय, बैंक, स्कूल-कॉलेज या अन्य संस्थान बंदी से प्रभावित नहीं होंगे।

समूह ग और घ के आधे कर्मचारी फिर वर्क फ्रॉम होम

कोरोना संक्रमण का प्रसार सरकारी दफ्तरों तक होने के बाद मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि समूह ‘ग’ और ‘घ’ के 50 प्रतिशत तक कर्मचारियों से रोस्टर के आधार पर घर से काम करवाया जाए। यह निर्देश आकस्मिक और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। हालांकि, विभागों को इसके लिए संबंधित मंत्रियों से मंजूरी लेनी होगी।

‘क’ और ‘ख’ ग्रुप ऑफिस में

वहीं, समूह ‘क’ और ‘ख’ के सभी अधिकारी कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों, स्थानीय निकायों, निगमों में भी 50% का रोस्टर लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव व विभागाध्यक्ष सोशल डिस्टेंसिंग का आकलन करें।