26 साल उम्र में बने थे सांसद, कुछ ऐसा है कांग्रेस के खास अहमद पटेल का सियासी सफर

New Delhi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल (Congress Leader Ahmed Patel) का बुधवार तड़के निधन हो गया। इस बात की जानकारी 71 वर्षीय अहमद पटेल के बेटे फैजल पटेल ने दी।

अहमद पटेल की राजनीतिक जिंदगी की लकीर (Ahmed Patel in Gandhi Family) इंदिरा गांधी से होते हुए राहुल गांधी-प्रियंका गांधी के दौर तक रही। हां, इस बीच कई बार लकीर मजबूत हुई तो कभी कमजोर भी दिखी। बदलते हालातों के बीच अहमद पटेल ने गांधी परिवार का कभी साथ नहीं छोड़ा।

21 अगस्त 1949 को गुजरात के भरूच जिले की अंकलेश्वर तहसील के पिरामण गांव में जन्मे अहमद पटेल (Ahmed Patel Birth Place) को सियासी बिसात का होनहार माना जाता था। अहमद पटेल तीन बार लोकसभा सांसद और चार बार राज्यसभा सांसद रहे। उन्होंने अपना पहला चुनाव वर्ष 1977 में भरूच लोकसभा सीट से लड़ा था। इस चुनावी मुकाबले में अहमद पटेल 62 हजार 879 मतों से जीते थे।

26 साल उम्र और बन गए थे सांसद

अहमद पटेल 1977 में चुनाव जीतकर सबसे युवा सांसद बने थे। उस दौरान उनकी उम्र महज 26 साल थी। इस चुनाव के बाद उनकी जीत का अंतर लगातार बढ़ता चला गया। 1980 में अहमद पटेल ने यहीं से 82 हजार 844 वोटों से मुकाबला अपने नाम किया। 1984 में अहमद पटेल ने 1 लाख 23 हजार 69 वोटों से जीत दर्ज की थी। बात की जाए 1980 और 1984 की तो जनता पार्टी के चंदूभाई देशमुख दूसरे नंबर पर रहे।

राजीव-सोनिया के कितने भरोसेमंद?

अहमद पटेल (Ahmed Patel Family) ने कांग्रेस के महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभाई। वह वर्ष 2001 से सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार भी रहे। कांग्रेस के तालुका पंचायत के अध्यक्ष पद से राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले अहमद पटेल वर्ष 1986 के जनवरी महीने में गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे।

इसके अलावा पटेल 1977 से वर्ष 1982 तक यूथ कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रहे। सितंबर 1983 से दिसंबर 1984 तक अहमद पटेल ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के जॉइंट सेक्रटरी की जिम्मेदारी भी संभाली थी। अहमद पटेल ने 1985 में जनवरी से सितंबर तक तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संसदीय सचिव के पद को भी संभाला।

पिता भी कांग्रेस में थे और…

मोहम्मद इशकजी पटेल और हवाबेन मोहम्मद भाई के घर जन्मे अहमद पटेल के पिता कांग्रेस में थे। माना जाता है कि पिता की इस सीढ़ी ने अहमद को राजनीति की बुलंदियों में बहुत तेजी से पहुंचाया। पिता के अनुभवों, नसीहतों ने जिंदगी कितनी बदली यह अहमद पटेल के राजनीतिक कद को देखकर समझा जा सकता है। अहमद पटेल ने 1976 में मेमूना अहमद से शादी कर ली। पटेल का परिवार राजनीति से दूर रहा। अहमद पटेल के दो बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी…लेकिन दोनों ही राजनीतिक दुनिया से फिलहाल दूर हैं।

संगठन की नब्ज जानते थे अहमद पटेल

अहमद पटेल ने कांग्रेस के संगठन में बहुत गहरी पैठ बनाई थी। इंदिरा गांधी 1980 में कांग्रेस की जबरदस्त वापसी के बाद पटेल को कैबिनेट में शामिल करना चाहती थीं लेकिन अहमद पटेल ने संगठन से अपना मोह जाहिर कर दिया। यही तस्वीर राजीव गांधी के समय में भी देखने को मिली। 1984 के चुनाव के बाद अहमद पटेल को फिर से मंत्री पद ऑफर किया गया लेकिन उन्होंने इस बार भी संगठन को ही चुना था।